महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बागबहारा, 21 अप्रैल। इस्पात मंत्रालय की स्वतंत्र निदेशक अलका चंद्राकर ने संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों की भूमिका पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्ष के रुख से महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण को चोट पहुंची है। उन्होंने जारी विज्ञप्ति में कहा कि आने वाले समय में महिला मतदाता इस विषय पर प्रतिक्रिया देंगी। उन्होंने कांग्रेस पर महिला हितों के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी महिलाओं को वोट बैंक के रूप में देखती है।
अलका चंद्राकर ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की हैं, जिनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जननी सुरक्षा योजना, जनधन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, लखपति दीदी योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना, ड्रोन दीदी योजना और मातृ वंदना योजना शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार का विरोध किया है।


