महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 20 अप्रैल। सोमवार दोपहर कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं किया, जबकि यह सही नहीं है।
उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के रूप में 106वां संविधान संशोधन कहा जाता है, संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति के बाद यह कानून बन चुका है।
उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक का संबंध महिला आरक्षण से नहीं था। उनके अनुसार, इस विधेयक में लोकसभा सीटों के परिसीमन का प्रस्ताव शामिल था, जिसमें कुल 850 सीटों का प्रावधान किया गया था, जिनमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित थीं।
विधायक ने कहा कि परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने का प्रस्ताव था, जबकि नई जनगणना की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर सकती है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए संशोधन किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उनके अनुसार, इस विधेयक को लागू होने में समय निर्धारित किया गया है।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती रही है। पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए पूर्व में संविधान संशोधन विधेयक लाए गए थे, जिनके माध्यम से यह व्यवस्था लागू हुई।
प्रेस वार्ता में सरायपाली विधायक चातुरी नंद, नगरपालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


