महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 15 फरवरी। सरायपाली विकासखंड के शासकीय मिडिल स्कूल लिमगांव से जुड़े जांच प्रकरण में 12 फरवरी को अंतिम बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान तात्कालीन बीईओ प्रकाशचन्द्र मांझी, एबीईओ देव नारायण दीवान तथा जितेन्द्र कुमार रावल उपस्थित हुए और अपने बयान दर्ज कराए।
प्रधानपाठक की स्वास्थ्य स्थिति
जांच में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय के प्रधानपाठक धनीराम चौधरी स्वास्थ्य कारणों से अध्यापन कार्य करने में असमर्थ थे। संकुल प्रभारी ठण्डाराम टिकुलिया और संकुल समन्वयक गिरधारी लाल पटेल द्वारा 2 अगस्त 2022 को लिखित सूचना दी गई थी कि प्रधानपाठक लकवे से प्रभावित हैं और उनकी जगह एक बाहरी व्यक्ति जितेन्द्र साहू अध्यापन कार्य कर रहा है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उक्त व्यवस्था के संबंध में औपचारिक आदेश उपलब्ध नहीं है। तात्कालीन बीईओ प्रकाशचन्द्र मांझी ने मौखिक अनुमति देने से इनकार किया है।
औचक निरीक्षण और पंचनामा
11 अगस्त 2023 को तत्कालीन एसडीएम हेमंत रमेश नंदनवार द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान तैयार पंचनामा पर एबीईओ देव नारायण दीवान और जितेन्द्र कुमार रावल के हस्ताक्षर होने की बात स्वीकार की गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पंचनामा किसी दबाव में तैयार नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार उपस्थिति पत्रक नियमित रूप से जमा न होने की बात भी जांच में सामने आई है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक टिप्पणी लंबित है।
अभिलेखों में हस्ताक्षर का मामला
जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में पदस्थ दो शिक्षकों—मनीष साहू और दिनेश पटेल—द्वारा प्रधानपाठक की सील का उपयोग कर कुछ शासकीय अभिलेखों पर हस्ताक्षर किए गए। बताया गया है कि अंकसूची, दाखिल-खारिज रजिस्टर और निरीक्षण पंजी में उनके हस्ताक्षर पाए गए हैं। इस संबंध में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई प्रशासन द्वारा तय की जानी है।
आगे की प्रक्रिया
जांच पूर्ण होने के बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। शिक्षा विभाग की ओर से अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।


