महासमुन्द

मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे
15-Feb-2026 4:15 PM
मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,15फरवरी।
महासमुंद जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले एक सप्ताह से जिले में दिन में धूप और रात में ठंड का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे रूप का सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। तापमान में आ रहे इस भारी उतार-चढ़ाव के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
मौसम में बदलाव के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। वर्तमान में अस्पताल की ओपीडी में रोजाना लगभग 700 मरीज पहुंच रहे हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकांश सामान्य बीमारियों के हैं,. लेकिन चिंताजनक पहलू यह है कि लगभग 200 से अधिक मरीज केवल सर्दी, खांसी, तेज बुखार और बदन दर्द के लक्षणों वाले हैं।

बीते एक सप्ताह के तापमान का गणित समझे तो 14 डिग्री का अंतर सामने आ रहा है। दिन का अधिकतम तापमान 30.31 डिग्री सेल्सियस है। जो तेज धूप और चुभन वाली गर्मी का अहसास कराती है। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 16.17 डिग्री सेल्सियस है। इससे ठंड के कारण देर रात और सुबह कंबल कीवहीं रात का न्यूनतम तापमान 16.17 डिग्री सेल्सियस है। इससे ठंड के कारण देर रात और सुबह कंबल की जरूरत पड़ रही है। शाम 8 बजे के बाद अचानक से गिरने वाला पारा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखा जा रहा है, जो तेजी से वायरल संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।

कहा जा रहा है कि आगामी सप्ताह में गर्मी बढऩे वाली है। जब तक रात और सुबह की ठंडकता में कमी नहीं हो जाती तब तक सर्दी खांसी की संभावनाएं बनी रह सकती है। इस स्थिति पर सीएमएचओ डॉ. आई नागेश्वर राव ने गंभीर चिंता जताते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन में गर्मी और रात की ठंडक वायरल फीवर, गले में खराश और अस्थमा जैसी समस्याओं को न्योता देती है।
मरीजों को केवल दवाइयों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए बल्कि उन्हें खान पान में परहेज भी जरूरी है।


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