महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 14 फरवरी। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद से संबद्ध जिला अस्पताल में 1 फरवरी से सोनोग्राफी सुविधा बंद है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा सोनोग्राफी कक्ष के बाहर सूचना चस्पा कर सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सोनोग्राफी चिकित्सक का अनुबंध दिसंबर में समाप्त हो गया था। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि चिकित्सक ने एक माह का नोटिस दिया था, लेकिन जनवरी के अंतिम सप्ताह से वे कार्य पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। नई व्यवस्था होने पर सेवा पुन: शुरू किए जाने की बात कही गई है।
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 450 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 35 से 40 मरीजों को सोनोग्राफी जांच की आवश्यकता होती है। गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों की जांच फिलहाल नहीं हो पा रही है।
नियमों के तहत गर्भवती महिलाओं, एक वर्ष तक के बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत आने वाले मरीजों की सोनोग्राफी नि:शुल्क की जाती है, जबकि अन्य मरीजों से 100 रुपये शुल्क लिया जाता है। सेवा बंद होने के कारण कई मरीज निजी केंद्रों का रुख कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि महासमुंद जिला अस्पताल 380 बिस्तरों वाला संस्थान है, जहां आसपास के क्षेत्रों—सरायपाली, बसना, पिथौरा, बागबाहरा, गरियाबंद तथा ओडिशा सीमा से भी मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन प्रसव भी होते हैं, जिनमें सोनोग्राफी की आवश्यकता पड़ती है।
सोनोग्राफी अल्ट्रासाउंड के माध्यम से आंतरिक अंगों की जांच, गर्भस्थ शिशु की निगरानी तथा अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में उपयोग की जाती है।


