महासमुन्द
महासमुंद पुलिस का बड़ा एक्शन अभियान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,13 फरवरी। जिले में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए महासमुंद पुलिस ने फरार अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस तीन दिवसीय विशेष धरपकड़ अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 85 वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। पकड़े गए आरोपियों में 21 स्थायी वारंटी और 64 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं, जिन्हें विधिवत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। महासमुंद पुलिस द्वारा यह विशेष अभियान 9 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक चलाया गया। इन तीन दिनों के भीतर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के पुलिस ने पूरे जिले को चार अनुविभागों में बांटकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सरायपाली अनुविभाग में सबसे अधिक 35 वारंटों की तामीली हुई। इसमें अनुविभागवार कार्रवाईड सिंघोड़ा से 7 वारंटी पकड़े गए। अनुविभाग में बागबाहरा, कोमाखान और तेन्दूकोना थानों ने मिलकर कुल 22 वारंटियों को सलाखों के पीछे भेजा। पिथौरा अनुविभाग में पिथौरा, पटेवा और सांकरा थाना क्षेत्रों से कुल 15 वारंटों का निष्पादन किया गया। महासमुंद अनुविभाग में शहर कोतवाली, तुमगांव और खल्लारी क्षेत्र से कुल 13 वारंटी गिरफ्तार किए गए। सरायपाली थाने से 20, बसना से 8 अपराधी शआमिल हैं। महासमुंद पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों और वारंटियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में सुरक्षा और शांति का वातावरण बनाए रखने के लिए इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी औचक रूप से चलाए जाते रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण सफलता सरायपाली अनुविभाग और स्थानीय टीमों को मिली जिन्होंने एक ऐसे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया जो साल 2014 से फरार था।
पिछले 10 वर्षों से यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था लेकिन पुलिस की सटीक मुखबिरी और तकनीकी जांच के कारण वह अंतत: पकड़ा गया।
अतिरिक्त एसपी प्रतिभा पांडेय ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन अपराधियों को पकडऩा था जो न्यायालय द्वारा वारंट जारी होने के बावजूद लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस की पकड़ से बाहर थे। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार तामील किए गए 21 स्थायी वारंटों में गंभीर अपराधों के आरोपी शामिल हैं। इनमें चेक बाउंस के 9, आबकारी एक्ट के 3, सडक़ दुर्घटना के 3, चोरी के 2, बलात्कार का 1, एनडीपीएस नशीले पदार्थ का 1 और मारपीट व गाली-गलौज के 2 मामले शामिल हैं। इन वारंटियों में स्थानीय अदालतों के साथ-साथ दूसरे जिलों के न्यायालयों से जारी वारंट भी शामिल थे।


