महासमुन्द

राष्ट्रीय गोकुल मिशन : एबीआईपी-एसएस कार्यक्रम का निरीक्षण
17-Jan-2026 11:59 PM
 राष्ट्रीय गोकुल मिशन : एबीआईपी-एसएस कार्यक्रम का निरीक्षण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद 17 जनवरी।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत संचालित एबीआईपी-एसएस  ्रष्ष्द्गद्यद्गह्म्ड्डह्लद्गस्र क्चह्म्द्गद्गस्र ढ्ढद्वश्चह्म्श1द्गद्वद्गठ्ठह्ल क्कह्म्शद्दह्म्ड्डद्वद्वद्ग ह्वह्यद्बठ्ठद्द स्द्ग3 स्शह्म्ह्लद्गस्र स्द्गद्वद्गठ्ठ) कार्यक्रम के क्रियान्वयन एवं प्रगति के निरीक्षण हेतु राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड आनंद (गुजरात) के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. वी.पी. भोसले’’ द्वारा 15 जनवरी को जिला महासमुंद का दौरा किया गया।
एबीआईपी-एसएस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक के माध्यम से अधिक संख्या में मादा बछियों का उत्पादन कर दुग्ध पशुओं की नस्लों का त्वरित सुधार करना है। इसके माध्यम से दूध उत्पादन क्षमता में वृद्धि, पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार, अनुपयोगी नर बछड़ों की संख्या में कमी तथा पशुपालक किसानों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. भोसले द्वारा एबीआईपी-एसएस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 8 से 10 लाभान्वित पशुपालकों से संवाद किया गया। इस अवसर पर पशुपालन प्रबंधन, प्रजनन तकनीक, पशुओं का पोषण, रोग नियंत्रण एवं उत्पादन क्षमता वृद्धि से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सेक्स सॉर्टेड सीमेन से किए गए कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण तथा जन्मे बछड़ों के सत्यापन हेतु पशुपालकों के घर जाकर स्थल निरीक्षण भी किया गया।
पशुपालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक सेक्स सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से 3232 कृत्रिम गर्भाधान किए जा चुके हैं, जिनसे 908 वत्सों का जन्म हुआ है। इनमें से 767 बछियां हैं, जो कुल जन्म का लगभग 84 प्रतिशत है। यह उपलब्धि जिले में उन्नत नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
 पशुपालन विभाग ने बताया कि जिले के अन्य इच्छुक पशुपालक भी इस योजना का लाभ लेने के लिए नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था अथवा पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान पशुपालन विभाग के स्थानीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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