महासमुन्द

एक और संक्रमित की मौत
15-Feb-2022 3:25 PM
एक और संक्रमित की मौत

पखवाड़े भर में 6 मौतें

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,15 फरवरी।
सोमवार को जिले से एक और कोरोना संक्रमित की मौत हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक पिथौरा ब्लॉक का निवासी है, जिसकी उम्र 54 साल है। बताया जा रहा है कि मृतक को पहले से ही किडनी संबंधी बीमारी थी और कुछ दिनों से उसका इलाज राजधानी के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था, जहां उसकी मौत सोमवार को हुई। इसी के साथ फरवरी माह में मौतों का आंकड़ा बढक़र 6 हो गया है।

सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में कुल 603 सैंपल की जांच की है, जिसमें सिर्फ 11 नए संक्रमितों की पहचान हुई है। दूसरी ओर सोमवार को ही 50 संक्रमित स्वस्थ भी हुए हैं। इसी के साथ अब जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 130 रह गई है।
सोमवार को महासमुंद ब्लॉक से 1, बागबाहरा से 3, पिथौरा से 3, बसना से 3 और सरायपाली ब्लॉक से 1 मरीज मिले हैं। नए संक्रमितों का स्वास्थ्य अभी स्थिर है। जिसके चलते इनका इलाज होम आइसोलेशन में हो रहा है। डाक्टरों का कहना है कि टीकाकरण से शरीर में सुरक्षा के लिए आवश्यक इम्यून सिस्टम डेवलप होते हैं। टीका लगाए जाने के बाद आपको कोरोना संक्रमण हो जाए, लेकिन इससे लडऩे की क्षमता आपके शरीर में रहती है। अधिकांश को आपातकाल स्थिति में फंसने की नौबत नहीं आई है और वे सामान्य तौर पर सप्ताह भर में ही स्वस्थ होते गए हैं, वहीं टीकाकरण के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का उपयोग भी कोरोना से बचाव में बहुत कारगर है।

जिले में कोरोना महामारी की तीसरी लहर में जनवरी 2022 से अब तक 45 दिनों में कुल 10 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। इन मृतकों में से तीन ने कोरोना टीका से परहेज किया और एक भी डोज नहीं लगवाई थी। डाक्टरों के मुताबिक इसी के चलते उनके शरीर में कोरोना से बचाव के लिए के लिए इम्यून सिस्टम डेवलप ही नहीं हो पाया। कोरोना महामारी की तीसरी लहर में 45 दिनों के भीतर  1559 लोग संक्रमित हुए हैं। वहीं जनवरी माह में 4 संक्रमितों की मौत हुई है और फरवरी में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है।

कुल 45 दिनों में होने वाली मौतों में से तीन मृतक युवा थे। इसमें दो मृतक 36 वर्ष और एक मृतक 26 वर्ष के थे। वहीं बाकी के छह मृतकों की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक ही रही है।
टीका नहीं लगाने वाले 3 मृतकों में से एक 36 साल, दूसरे 67 साल और तीसरे 65 साल के थे। ये तीनों ही मरीज जब स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचे तभी से तीनों का ऑक्सीजन बेड पर ही उपचार किया जाता रहा। इसके अलावा 36 वर्षीय एक युवक जिस दिन अस्पताल पहुंचा उसी दिन उसकी मौत भी हो गई।


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