महासमुन्द
जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी-सीईओ
रजिंदर खनूजा
पिथौरा, 13 अगस्त(‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। स्थानीय विकासखण्ड में एक बार फिर वृद्धा पेंशन घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत बरेकेल के तात्कालिक सरपंच पुरुषोत्तम सिंह धु्रव की लिखित शिकायत के बाद भी 9 वर्षों से अब तक उक्त पंचायत के 41 युवाओं को वृद्धा पेंशन मिल रहा है।
ज्ञात हो कि शासन द्वारा 60 से 79 वर्ष के वृद्धों को 350 एवं 80 एवं उससे ऊपर के वृद्धों को 650 रुपये प्रतिमाह पेंशन दिया जाता है।
ग्रामीण सूत्रों के अनुसार विकासखण्ड मुख्यालय के समीप स्थित बरेकेल ग्राम पंचायत में कुल 92 वृद्धजनों को वृद्धा पेंशन मिल रहा है परन्तु इन 92 में करीब आधे 41 पेंशनधारी अभी भी 60 वर्ष के नहीं हुए है, जबकि इन्हें विगत 9 वर्षों से प्रतिमाह शासन द्वारा वृद्धा पेंशन दिया जाता है।
ग्राम बरेकेल में सन 2010 में निर्वाचित हुए सरपंच पुरुषोत्तम सिंह धु्रव बताते हैं कि उनके सरपंच बनने के बाद उन्होंने 40 वृद्धों की एक प्रस्ताव सूची भेज कर नाम जोडऩे के लिए लिखा गया था। परन्तु जब सूची आयी तब उसमें 41 नाम बगैर प्रस्ताव के जुड़े दिखे। इस सम्बंध में पता लगाने से ज्ञात हुआ कि पेंशन लिस्ट मेंउन्हें वृद्धों के नाम से युवाओं को पेंशन दिया जा रहा है।तब उन्होंने बकायदा सरपंच होने के नाते 30-10-2012 को एक पत्र लिख कर मतदाता सूची में उम्र के साथ अपात्रों का नाम हटाकर पात्रों का नाम जोडऩे का आग्रह किया था परन्तु जनपद पंचायत में कोई सुनने वाला नही था।इसके बाद उन्होंने 2016 में पुन: इसकी शिकायत की थी।इसके बावजूद हालात जस का तस ही रहे।
दर्जन भर से अधिक पात्र भटक रहे
ग्राम बरेकेल के 70 वर्षीय ग्रामीण तुलसीराम श्रुव ने बताया कि उनकी उम्र के आसपास के कोई दर्जन भर गर्मीण अभी भी वृद्धा पेंशन की राह देख रहे है परन्तु उनकी सुनने वाला कोई नहीं ंहै।
इधर बरेकेल खुर्द में पदस्थ पंचायत सचिव गुलाब कोसरिया ने इस संबंध में बताया कि वे 2015 से बरेकेल में पदस्थ है।उन्हें भी शिकायत मिली थी। तब उन्होंने सभी अपात्रों का पेंशन रोक दिया था।इसके बाद तत्कालीन जनपद अधिकारी के निर्देश पर इन्हें पुन: पेंशन प्रारम्भ किया गया जो कि अब तक जारी है।
स्थानीय जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप प्रधान ने बताया कि मामला काफी पुराना है अभी संज्ञान में आया है इसलिए इसकी जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।



