ताजा खबर
बाद में दोबारा मैसेज कर अनिवार्यता खत्म की
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 अप्रैल। कुछ निजी स्कूलों द्वारा कोरोना टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही विद्यार्थियों को 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का फरमान जारी किया है, इससे पालकों में हडक़ंप मच गया। बाद में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के संज्ञान में मामला लाया गया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के आदेश पर हैरानी जताई, और फिर विभाग के कड़े रूख के बाद स्कूल प्रबंधन ने पालकों को दोबारा मैसेज भेजकर कहा कि कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लाने की जरूरत नहीं है।
रायपुर के माता सुंदरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों के पालकों को बुधवार को मोबाइल पर मैसेज भेजकर अपने बच्चों की कोरोना जांच कराने के लिए कहा। कोरोना जांच रिपोर्ट के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। स्कूल प्रबंधन का मैसेज मिलने पर पालकों में हडक़ंप मच गया, और इसकी अलग-अलग स्तरों पर शिकायत भी की गई।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने इस आदेश पर हैरानी जताई है, और कहा कि ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त कर दी जाएगी। बाद में विभाग के कड़े रूख के बाद स्कूल प्रबंधन गुरूवार को दोपहर सभी पालकों को मोबाइल पर मैसेज भेजकर कहा कि उन्हें कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लाने की जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि जो परीक्षार्थी कोरोना संक्रमण, लॉकडाउन, कंटेनमेंट जोन आदि के कारण किसी विषय या सभी विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, तो उनकी अंकसूची में अनुपस्थित न रहकर ‘सी’ लिखा जाएगा।
इस बार बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन हो रही है। 10 वीं बोर्ड की परीक्षाएं 15 अप्रैल से एक मई तक तथा 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 3 मई से 24 मई तक ऑफलाइन मोड में आयोजित होंगी। कोरोना को ध्यान में रखते हुए बोर्ड द्वारा छात्रहित में लिए गए निर्णय के अनुसार छात्रों के प्रवेश पत्र तथा परीक्षा केन्द्रों के अधिकारियों-कर्मचारियों के ड्यूटी आदेश के आधार पर परीक्षा केन्द्र तक आने-जाने की अनुमति रहेगी।
ऐसे विद्यार्थी को उन विषय में अंक नहीं दिए जाएंगे परन्तु उसे पास श्रेणी में उत्तीर्ण माना जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जिनकी अंकसूची में ‘सी’ अंकित है। उनके लिए पूरक परीक्षा के साथ विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी और विशेष परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उनकी अंकसूची में ‘सी’ के स्थान पर प्राप्तांक अंकित कर पुनरीक्षित अंकसूची जारी की जाएगी और उन्हें श्रेणी भी दी जाएगी।
बताया गया कि सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए सभी मान्यता प्राप्त शालाओं को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। परीक्षा कक्ष में प्रवेश से लेकर छात्रों की बैठक व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही कक्ष की बैठक क्षमता के अनुरूप 50 प्रतिशत छात्रों को ही उस कक्ष में बैठाएं जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी छात्रों, शिक्षकों और शालाओं के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। परीक्षा केन्द्र को सेनेटाईज करने के साथ ही छात्रों, शिक्षकों एवं शालाओं के अधिकारियों-कर्मचारियों के हाथों को सेनेटाइज करने की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं। कोरोना पीडि़त छात्र को किसी भी परिस्थिति में परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।


