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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 1 अप्रैल। प्रदेश में कोरोना के चलते हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कई विधायकों ने संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन की वकालत की है। सीएम भूपेश बघेल लगातार अफसरों के संपर्क में हैं, और कहा जा रहा है कि लौटने के बाद पांच तारीख को इस सिलसिले में कड़ा कदम उठा सकते हैं।
प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से आ रहे कोरोना प्रकरणों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। रोज चार हजार से अधिक कोरोना प्रकरण सामने आ रहे हैं। एक-दो दिनों में यह आंकड़ा पांच हजार पार होने के आसार हैं। रायपुर के अलावा दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव और बिलासपुर की स्थिति सर्वाधिक खराब है। सीएम भूपेश बघेल की मौजूदगी में उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी, जिसमें कलेक्टरों को फ्री हैन्ड दिया गया था।
बताया गया कि सरकार की सख्ती के बाद भी कोरोना की रफ्तार कम नहीं हो रही है। इस बार मृत्यु संख्या बढ़ रही है। इन सबको देखते हुए कुछ विधायकों ने लॉकडाउन की मांग कर दी है। लॉकडाउन की मांग करने वालों में दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल, विधायक अरूण वोरा, विकास उपाध्याय सहित अन्य हैं। रायपुर सांसद सुनील सोनी ने भी गरीबों की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए लॉकडाउन की वकालत की है।
बताया गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रोजाना अफसरों से लगातार चर्चा कर रहे हैं, और स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं। सरकार से जुड़े लोगों का मानना है कि मौजूदा हालात में लॉकडाउन लागू करना आसान नहीं है। वजह यह है कि पिछले लॉकडाउन के बाद से सरकार पर काफी वित्तीय बोझ बढ़ा है। अब राजस्व प्राप्ति से स्थिति ठीक हो रही है, ऐसे में फिर से लॉकडाउन करने से वित्तीय स्थिति बिगड़ सकती है।
सरकारी सूत्रों का मानना है कि केन्द्र सरकार से अपेक्षाकृत मदद नहीं मिलने के कारण स्थिति चिंताजनक हुई है। केन्द्र सरकार से राज्य को करीब 21 हजार करोड़ रूपए लेना है। इन सबके बावजूद कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कड़े उपाए किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री चार तारीख को असम प्रवास से लौट रहे हैं। पांच तारीख को उच्चस्तरीय बैठक है। जिसमें कोरोना की स्थिति की समीक्षा कर ठोस कदम उठाया जा सकता है।

रोज ढाई लाख टीका लगाने का लक्ष्य
सरकार ने कोरोना टीका लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में 45 साल से अधिक आयु वर्ग के करीब 58 लाख लोग रहते हैं। इनमें से 10 लाख लोगों को टीका लग चुका है। बाकी 48 लाख लोगों को एक महीने के भीतर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक 45 पार के लोगों को टीका लगाने का काम एक अप्रैल से शुरू हुआ है, और 30 अप्रैल तक सभी को टीका लग जाएगा। इसमें सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ सामुदायिक केन्द्रों, और अन्य जगहों पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। कहा जा रहा है कि वैक्सीन लगने से कोरोना संक्रमण में कमी आएगी।


