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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 1 अप्रैल। वनोपज की दर तय करने का अधिकार जनता का हो सहित अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 20 गांव के ग्रामीणों ने बीजापुर में महारैली निकालकर जिला प्रशासन के अफसरों को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने रैली खत्म की।
जिला मुख्यालय में गुरुवार की सुबह 8 बजे तेंदूपत्ता संघर्ष समिति के बैनर तले करीब 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर महारैली निकाली। तेंदूपत्ता संग्रहण महारैली के बैनर-फ्लेक्स लेकर ग्रामीण जिला मुख्यालय की सडक़ों पर मौजूद थे। महारैली के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के बंदोबस्त किये हुए थे।
भैरमगढ़ और गंगालूर इलाके से आये महिला-पुरुषों ने नारों के साथ सरकार से मांगें पूरी करने की मांग की है। वहीं महारैली में पहुंचे लोगों की मांगों में कोरोना के दौरान पिछले साल बेतहासा खाद्य सामानों की दरों में बढ़ोत्तरी हुई थी। इस बार बढ़ते दामों को नियंत्रित करने की सरकार से अपील की है। महारैली के मद्देनजर पुलिस ने नगर को छावनी में तब्दील कर दिया था। कोने-कोने में पुलिस का दस्ता तैनात रहा। एसडीएम बीजापुर देवेश ध्रुव और तहसीलदार टंकेश्वर साहू ने महारैली में पहुंचे लोगों से ज्ञापन लेकर उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने रैली खत्म की।
एसडीएम देवेश ध्रुव ने बताया कि आज सुबह करीब 8.30 बजे तेंदूपत्ता संघर्ष समिति ने महारैली कर अपनी मांगें रखी है। उनकी सभी मांगें शासन स्तर की हैं। शासन को प्रेषित किया जाएगा।
ये है समिति की मुख्य मांगें
प्रति पत्ता गड्डी का सरकार 5 रुपये दें, ऑनलाइन पेमेंट बंद कर सरकार नगद भुगतान करें, बोनस राशि गांव-गांव में भुगतान हो, अभ्यारण्य में आने वाले सेंचुरी को हटाया जाए गांव-गांव में समितियां खोली जाए, तेंदूपत्ता योजना अंतर्गत गांव गांव में छात्र छात्राओं को अनिवार्य छात्रवृत्ति दिया जाए, वनोपज की दर तय करने का अधिकार जनता का हो, पत्ता कटाई, तोड़ाई के दौरान जंगली जानवरों से मृत्यु होने पर 1 लाख की जगह 5 लाख दिया जाए, सही ही बूटा कटाई की मजदूरी 350 रुपये दिये जाने की मांग मुख्य रूप से शामिल हंै।




