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फ़्रीडम हाउस की रिपोर्ट को भारत सरकार ने बताया भ्रामक, कहा- सभी को है समानता का अधिकार
06-Mar-2021 8:32 AM
फ़्रीडम हाउस की रिपोर्ट को भारत सरकार ने बताया भ्रामक, कहा- सभी को है समानता का अधिकार

भारत सरकार ने शुक्रवार को अमरीकी संगठन फ़्रीडम हाउसकी रिपोर्ट में भारत के दर्जे को ’स्‍वतंत्र देश’ से घटाकर ’आंशिक रूप से स्‍वतंत्र देश’ किये जाने को भ्रामकऔर अनुचित बताया है.

एक बयान जारी कर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि देश में संघीय ढांचा है और अनेक राज्‍यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं जो ये बताता है कि भारत में लोकतंत्र है और विभिन्‍न विचारधाराओं को यहां महत्‍व दिया जाता है.

बयान में कहा गया है कि देश में किसी ख़ास समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव की नीतियां अपनाए जाने का आरोप ग़लत है और संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार के तहत सरकार के लिए सभी नागरिक एकसमान हैं.

सरकार ने कहा कि क़ानूनों पर अमल करते समय किसी ख़ास समुदाय का वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया जाता और एक समान प्रक्रिया का पालन किया जाता है.

साल 2019 में दिल्ली में हुए हिंसक दंगों के बारे में सरकार ने अपने बयान में कहा कि क़ानून और व्‍यवस्‍था लागू करने वाली एजेंसियों ने तेज़ी से और पूरी निष्पक्षता से अपना काम किया. उन्होंने स्थिति को काबू में करने के लिए उचित कार्रवाई की.

राजद्रोह क़ानून के दुरुपयोग को लेकर, सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस प्रशासन राज्य के विषय हैं और क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी मुख्य रूप से राज्यों के पास होती है, क़ानून को अमल में लाने वाली एजेंसियां व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाती हैं.

सरकार ने कहा कि देश में देश के अनुच्छेद 19 के तहत संविधान सभी को अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार देता है है और चर्चा और असहमति भारतीय लोकतंत्र का हिस्सा रहे हैं. हालांकि सरकार ने ये भी कहा कि कभी-कभी क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया जाता है.

क्या कहा गया था रिपोर्ट में?

इसी सप्ताह वॉशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक फ़्रीडम हाउस ने अपनी रिपोर्ट‘फ्रीडम इन द वर्ल्ड 2021’ में भारत के फ्रीडम स्कोर को घटा दिया है. रिपोर्ट में भारत का दर्जा पिछले साल के "फ्री" यानी स्वतंत्र से "पार्टली फ्री" यानी आंशिक रूप से स्वतंत्र कर दिया गया है.

इंटरनेट फ्रीडम स्कोर के आधार पर भी भारत को रिपोर्ट में आंशिक रूप से स्वतंत्र का दर्जा दिया गया है.

इस रिपोर्ट में दुनियाभर के देशों में राजनीतिक और नागरिक स्वतंत्रता का आकलन किया जाता है. इसके अलावा इसमें कुछ चुनिंदा जगहों को मानवीय और राजनीतिक स्वतंत्रता के कई मानकों के आधार पर परखा जाता है. सभी मानकों के आधार पर इस रिपोर्ट में देशों को स्कोर दिया जाता है. (bbc.com)

 


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