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भाजयुमो कार्यकारिणी पर विवाद, अध्यक्ष ने दी सफाई, समन्वय के लिए अधिक उम्र वालों को पद..
12-Feb-2021 1:54 PM
भाजयुमो कार्यकारिणी पर विवाद, अध्यक्ष ने दी सफाई, समन्वय के लिए अधिक उम्र वालों को पद..

Amit sahu Facebook


   जिन्हें पद नहीं मिला, वे अफवाह उड़ा रहे हैं    

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 फरवरी।
भाजयुमो का झगड़ा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बताया गया कि कार्यकारिणी में न सिर्फ 35 वर्ष से अधिक उम्र वाले कई लोगों को जगह दी गई, बल्कि पैसे लेकर पद बांटने के भी आरोप लग रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने माना कि समन्वय की दृष्टि से कुछ अधिक उम्र वाले को पद दिए गए हैं। उन्होंने पैसे लेकर पद देने के आरोपों पर दुख जताया है। 

अमित साहू ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि कार्यकारिणी में जगह पाने से वंचित कई लोग अफवाह उड़ा रहे हैं। पैसे लेकर पद बांटने की बात आई है। ये बात कहां से निकली, और ये लोग कौन हैं, इसका पता लगाएंगे। वे आर्थिक रूप से काफी सक्षम हैं, और पार्टी में पैसे लेकर पद बांटने का काम नहीं होता है। 

अमित ने कहा कि कार्यकारिणी सभी बड़े नेताओं से रायशुमारी कर तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्षों से राय ली गई थी। बड़े नेताओं से नाम लिए गए थे, और इसके बाद महामंत्री (संगठन) के साथ बैठकर सूची तैयार की गई। इस बार 35 वर्ष से अधिक उम्र वाले को कार्यकारिणी में नहीं रखने के निर्देश थे। इसका पूरा पालन करने की कोशिश की गई। अमित साहू ने बताया कि 80 से 90 फीसदी पदाधिकारी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। समन्वय के लिहाज से कुछ अधिक उम्र वालों को जरूर रखा गया है। 

अमित ने यह भी बताया कि सभी जिलाध्यक्ष 35 वर्ष से कम उम्र वाले हैं। उन्होंने कहा कि जिन अधिक उम्र वाले नेताओं को पद नहीं मिला, वे ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। इनमें से कुछ ने सुबह फोन कर माफी मांगी है। उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि पार्टी के बड़े नेता सरोज पाण्डेय और अन्य लोग सूची से नाराज हैं। अमित ने कहा कि सभी से नाम लिए गए थे, और उन नामों को जगह दी गई है। उन्होंने पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के नामों को ज्यादा महत्व देने की बात से भी इंकार किया है। अमित साहू ने बताया कि वे दिल्ली से लौटने के बाद सभी प्रमुख नेताओं से चर्चा करेंगे।
 
दूसरी तरफ, सरगुजा से लेकर बस्तर तक कई जगहों पर नाराजगी भी खबर आई है। एक-दो पूर्व मंत्रियों ने तो महामंत्री (संगठन) पवन साय से बात कर कुछ नामों पर आपत्ति जताई है। यह भी कहा गया कि कार्यकारिणी में ज्यादातर रायपुर के ही नेताओं को पद दिया गया है। क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान नहीं रखा गया है। इस पर पार्टी संगठन के एक प्रमुख नेता ने कहा कि उपाध्यक्ष और कुछ अन्य पदों पर नियुक्तियां बाकी हैं। जल्द ही बाहर के लोगों को महत्व दिया जाएगा। 


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