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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दोरनापाल, 30 जनवरी। आज सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना अंतर्गत पालामडग़ु व अतुलपारा के बीच के इलाके में नक्सलियों का लगाया गया लगभग 40 गड्ढों से 400 नग लकड़ी स्पाइक सुरक्षाबलों द्वारा बरामद किया गया है।
नक्सलियों ने यह स्पाइक उन इलाकों में लगाया था, जहां आए दिन सुरक्षा बल गश्त को निकलते हैं। रूटीन गश्ती पर निकले सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी के जवानों ने मौके पर स्पाइक को डिटेक्ट किया, जिसके बाद प्रक्रिया के साथ स्पाइक बरामद कर गड्ढों को भरा। नक्सलियों ने यह स्पाइक सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने लगाया था।
इस घटना की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी के एल ध्रुव ने बताया कि नक्सली जवानों के मूवमेंट पर नजर बना रहे हैं, उन्हीं इलाकों में स्पाइक व आईईडी लगा रहे हैं, जहां जवानों की आवाजाही की गुंजाइश होती है। हालांकि जवानों को अलर्ट रखा गया है। जवानों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से नक्सलियों ने 400 स्पाइक लगाया था, जिसकी चपेट में ग्रामीण भी आ सकते थे। हालांकि सुरक्षा बलों ने सूझबूझ से स्पाइक निकाल गड्ढों को भर दिया है। जवानों को गुमराह करने लकड़ी के स्पाइक लगाए जाते हंै, जो मेटल डिटेक्टर से भी नहीं पता लगाया जा सकता।

ज्ञात हो कि लगातार सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के साथ ही नक्सली जवानों को निशाना बनाने विस्फोटक (आईईडी) व स्पाइक का सहारा लंबे समय से लेते आ रहे हैं। अंदरूनी इलाकों में जिस तरह से कैम्पों का विस्तार शुरू हुआ है, वैसे ही सुरक्षाबलों के लिए चुनौतियां भी बढ़ती जा रही है।
टीसीओसी से पहले ही जवानों के लिए खतरा बढ़ा
गौरतलब है कि नक्सलियों का टीसीओसी यानी टैक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन लगभग फरवरी से शुरू हो जाता है। इससे पहले ही नक्सली बड़ी मात्रा में विस्फोटक-स्पाइक के जरिए जवानों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। नक्सलियों द्वारा फरवरी महीने से टीसीओसी चलाया जाता है, जहां नए लडक़ों को नक्सली संगठन व पीएनजी संगठन में शामिल कर ट्रेनिंग देकर भर्ती करते हैं। इसके अलावा हथियारों व गोली असला की कमी को पूरा करने रणनीति भी तय करते हैं, जिसमें जवानों को निशाना बनाकर उनसे हथियार भी लूटे जाते हैं।
सुकमा जिले में ही टीसीओसी के दौरान आधा दर्जन से भी अधिक बड़े नक्सली हमले नक्सलियों द्वारा किए गए, जिसमें सुरक्षाबलों को काफी नुकसान हो चुका और इनसे लूटे गए हथियारों से ही आज नक्सली संगठन मजबूत हुआ है। हालांकि सुरक्षा बल नक्सलियों के टीसीओसी से पहले ही मिनपा जैसे संवेदनशील इलाके में मिनपा कैंप स्थापित करने में कामयाब रहे हैं। यह कैंप सुरक्षा बलों के लिए काफी हद तक राहत भरा बताया जा रहा है।


