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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 29 जनवरी। जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर कोतरापाल में नक्सलियों ने पूर्व डीवीसी कमांडर से डीआरजी जवान बने एक आरक्षक की कल हत्या कर दी। इतना ही नहीं नक्सलियों ने हत्या के बाद जवान के शव को गांव में ही जला दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक जिले के जांगला थाना क्षेत्र के कोतरापाल में गुरुवार की शाम नक्सलियोंं ने पूर्व डीवीसी कमांडर से पुलिस के डीआरजी में पदस्थ हुए जवान सोमडु उर्फ मल्लेश की हत्या कर दी। बताया गया है कि गुरुवार की शाम को मल्लेश अपने गांव कोतरापाल गया हुआ था। तभी नक्सलियों की नजर उस पड़ी और उसे दौड़ाने लगे। नक्सलियों से भाग रहे मल्लेश को नक्सलियों ने चारों ओर से घेर कर पकड़ा और उसकी पिटाई करते हुए उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रात में ही नक्सलियों ने जवान मल्लेश के शव को जला दिया।
पुलिस का कहना है कि मल्लेश कोतरापाल गांव का ही रहने वाला था। उसके परिजन भी वहीं रहते हैं। हत्या के बाद उनके परिजनों ने ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
2014 में किया था तौबा
डीआरजी जवान सोमडु उर्फ मल्लेश वर्ष 2014 तक माओवादी संगठन में डीवीसी कमांडर के ओहदे पर रहा। उस वक्त इलाके में उसकी तूती बोलती थी। कई नक्सली वारदातों में वह शामिल रहा है। इसके बाद वह वर्ष 2014 में माओवादी संगठन से तौबा कर समाज की मुख्य धारा में जुडक़र आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस में शामिल होने के बाद उसे डीआरजी में पदस्थ कर दिया गया था। डीआरजी वो दस्ता है, जिससे माओवादी ख़ौफ खाते हैं।


