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रविवार शाम टीकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए. किसान नेताओं के मुताबिक़ ट्रैक्टर रैली के लिए 50 हज़ार से अधिक ट्रैक्टर इन दोनों बॉर्डरों पर बीती शाम तक ही पहुँच चुके थे.
दिल्ली पुलिस के साथ ट्रैक्टर परेड के रूट को लेकर सहमति बनने के बाद किसान नेता परेड के प्लान को अंतिम रूप देने में लगे हैं. किसान नेताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रैक्टर परेड को समय पर निकाल लेने की है. हालांकि कुछ किसान यूनियनें दिल्ली पुलिस की तरफ़ से दिए गए रूट से सहमत नहीं हैं.
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल से जुड़े हरिंद्र सिंह लखोवाल कहते हैं, 'परेड 26 जनवरी को सुबह दस बजे शुरू होगी. जिस तादाद में ट्रैक्टर पहुँचे हैं उसे देखते हुए लग रहा है कि दो दिन तक परेड चलेगी.'

दिल्ली पुलिस ने किसानों को तीन रूट दिए हैं जिनकी कुल लंबाई ढाई सौ किलोमीटर से अधिक है. अब तक की योजना के मुताबिक़ सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से अलग-अलग ट्रैक्टर रैलियां निकाली जाएंगी. सिंघु बॉर्डर रूट की लंबाई क़रीब सौ किलोमीटर, टीकरी बॉर्डर रूट की लंबाई क़रीब सवा सौ किलोमीटर और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर रूट की लंबाई क़रीब पचास किलोमीटर होगी.
कुछ किसान संगठन नाराज़
लेकिन टीकरी बॉर्डर पर रैली के रूट को लेकर किसान नेताओं में नाराज़गी है. भारतीय किसान यूनियन उगराहां के महासचिव शिंगारा सिंह मान के मुताबिक़ पुलिस ने अभी जो रूट दिया है उस पर रैली निकालने में दिक़्क़तें आएंगी क्योंकि ट्रैक्टर बहुत बड़ी तादाद में हैं और ये रूट नाकाफ़ी होगा.
मान ने बीबीसी से कहा, 'अभी हम इस बारे में दिल्ली पुलिस से और बात कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि हमें दो रूट ऑफ़र किए जाएं ताकि सभी ट्रैक्टर परेड में शामिल हो सकें.'
मान ने कहा, 'सारा ट्रैफ़िक एक रूट से नहीं निकल सकता है, हम चाहते हैं कि हमें दो रूट दिए जाएं. हम इस माँग के साथ दिल्ली पुलिस से मिलने जा रहे हैं.'
मान के मुताबिक़ सिर्फ उगराहां समूह के ही पचास हज़ार के क़रीब ट्रैक्टर बॉर्डर पर पहुँच रहे हैं. उनका कहना है कि यदि एक रूट पर रैली निकलेगी तो एक दिन में भी सभी ट्रैक्टर नहीं निकल पाएंगे.
किसान संगठनों और दिल्ली पुलिस के बीच पाँच दौर की वार्ता के बाद ट्रैक्टर परेड को लेकर सहमति बनी है. दिल्ली पुलिस और किसान संगठन दोनों ही टकराव को टालना चाहते थे. दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर रैली निकालने के लिए अड़े किसान संगठन आख़िरकार दिल्ली पुलिस की तरफ़ से सुझाए गए रूट पर सहमत हो गए.
'भारत के इतिहास की सबसे बड़ी परेड'
वहीं दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी उत्तरी रेंज एसएन यादव से जब पूछा गया कि किसानों के पास अनुमति सिर्फ़ 26 जनवरी की है ऐसे में यदि रैली अगले दिन भी चली तो पुलिस क्या करेगी? इस सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
किसानों की रैली दिल्ली में दाख़िल तो होगी लेकिन बाहरी इलाक़ों से ही वापस हो जाएगी. किसान नेता रजिंद्र सिंह दीपसिंहवाला कहते हैं, 'हमारा मक़सद टकराव टालना था. किसानों के ट्रैक्टर दिल्ली आ रहे हैं, ये भारत के इतिहास की सबसे बड़ी परेड होगी. सारी दुनिया दिल्ली में किसानों की परेड को देखेगी.'
किसान नेता हरिंद्र सिंह लाखोवाल के मुताबिक़, 'ट्रैक्टर परेड सड़क के सिर्फ़ एक तरफ़ होगी ताकि दूसरी तरफ़ रास्ता आपात स्थिति के लिए खुला रहे. हर सौ मीटर पर वॉलंटियर भी तैनात किए जाएंगे.'
किसान परेड के लिए एक हज़ार से अधिक वॉलंटियरों को ट्रेनिंग दी गई है. सभी के लिए ड्रैस कोड भी तय किया गया है. इसके अलावा उन्हें वॉकी-टॉकी भी दिए जा रहे हैं.
किसान नेताओं का कहना है कि ट्रैक्टरों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी लहराया जाएगा. इसके अलावा किसान संगठन अपने संगठन के झंडे भी लगाएंगे. साथ ही ख़ालसा पंथ का झंडा भी संगठन अपने ट्रैक्टरों पर लगाएंगे.
सोमवार सुबह तक जिस प्लान पर सहमति बनी है उसके तहत तीन बड़ी ट्रैक्टर परेड निकलेंगी. एक ट्रैक्टर परेड सिंघु बॉर्डर से, दूसरी टीकरी बॉर्डर से और तीसरी ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से निकलेगी.

सिंघु बॉर्डर से निकलने वाली परेड संजय गांधी ट्रांस्पोर्ट नगर से बवाना की तरफ़ मुडे़गी. वहीं टीकरी बॉर्डर से शुरू होने वाली परेड नांगलोई तक आएगी और फिर नजफ़गढ़ और झारोडा की तरफ़ जाएगी.
दिल्ली के ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से शुरू होने वाली परेड अक्षरधाम तक आएगी और फिर यहां से यू टर्न लेकर आनंद विहार होते हुए अपसरा बॉर्डर तक जाएगी. दिल्ली पुलिस ने परेड को पेरीफेरल हाईवे की तरफ़ जाने की अनुमति दी है लेकिन ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों का कहना है कि वो लौटकर ग़ाज़ीपुर बॉर्डर आ जाएंगे.
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े धर्मेंद्र मलिक के मुताबिक़ ग़ाज़ीपुर से शुरू होने वाली परेड में स्पीड दस किलोमीटर प्रति घंटा की रखी जाएगी ताकि शाम होते-होते परेड को पूरा कर लिया जाए.
ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे
किसान सोशल आर्मी से जुड़े अनूप चनौत के मुताबिक़ किसान संगठन रैली को कवर करने के लिए ड्रोन कैमरे भी तैनात करने जा रहे हैं.
अनुप ने बताया, 'सोशल मीडिया आर्मी की गाड़ियां किसान परेड के साथ चलेंगी ताकि लाइव फ़ुटेज उपलब्ध चलाई जा सके. हम तीन ड्रोन कैमरे भी तैनात करने जा रहे हैं.'
अनूप के मुताबिक़ किसान सोशल आर्मी का मक़सद परेड के दौरान अफवाहों को रोकना रहेगा और इसके लिए वॉलंटियरों को ख़ास ट्रेनिंग भी दी गई है.
वहीं दिल्ली पुलिस ने किसान परेड के दौरान सुरक्षा और चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया है. दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम से ही बैरिकेड भी हटाने शुरू कर दिए थे.(bbc.com/hindi)


