ताजा खबर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 23 जनवरी। हाईकोर्ट में नान घोटाले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदेश में राशन कार्डों की संख्या में एक साल के भीतर ही दुगनी वृद्धि को लेकर कलेक्टर्स की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
हमर संगवारी की ओर से बहस में कहा गया कि सन् 2012-13 में प्रदेश में राशन कार्डों की संख्या केवल 36 लाख बीपीएल कार्ड और 11 लाख एपीएल कार्ड थे। इसके बाद 2013-14 में एकाएक यह संख्या बढ़कर बीपीएल के 70 लाख 67 हजार बीपीएल कार्ड हो गये। 11 लाख एपीएल कार्ड्स को जोड़ लें तो यह संख्या करीब 82 लाख पहुंचती है। इस घोटाले में कलेक्टर्स की भूमिका संदिग्ध है। इसकी एंटी करप्शन ब्यूरो ने कोई जांच नहीं की।
एक अन्य याचिकाकर्ता सुदीप श्रीवास्तव की ओर से कहा गया कि 36 हजार करोड़ के बड़े घोटाले में ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई एसीबी ने की थी पर जो साक्ष्य मिले उन पर सही तरीके से जांच नहीं की गई। इस घोटाले के साक्ष्य लाल डायरी में उपलब्ध थे, जो अब गायब है। उन्होंने कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच करने की मांग की।


