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सरकारी गायनेकोलॉजिस्ट की कमी शर्मनाक, 3 माह में नियुक्ति करें - हाईकोर्ट
22-Jan-2021 9:02 AM
सरकारी गायनेकोलॉजिस्ट की कमी शर्मनाक, 3 माह में नियुक्ति करें - हाईकोर्ट

'छत्तीसगढ़' संवाददाता 

बिलासपुर, 22 जनवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग के गर्भपात के एक केस की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी होना शर्मनाक है। राज्य सरकार को कोर्ट ने सभी जिला अस्पतालों में तीन माह के भीतर इनकी नियुक्ति करने का निर्देश दिया है।

जांजगीर चाम्पा जिले की एक नाबालिग रेप पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता गर्भवती है। उसके गर्भपात की अनुमति के लिये सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल की गई थी पर न्यायालय ने प्रकरण सुनने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने गर्भपात की अनुमति पर विचार करने के लिये जांजगीर-चाम्पा जिला अस्पताल से गर्भ की स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने कहा। 

अस्पताल ने रिपोर्ट दी लेकिन बताया कि यहां कोई गायनेकोलॉजिस्ट नहीं है जिसके चलते उसका गर्भपात यहां नहीं किया जा सकता। पीड़िता को सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर ले जाने की सलाह दी गई। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय के अग्रवाल  की बेंच ने कहा कि जब जिला मुख्यालय के अस्पताल में यह स्थिति है तो दूरस्थ इलाकों में और भी गंभीर स्थिति हो सकती है। यह शर्मनाक है।


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