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देश के किसी भी कोने में 25 सौ रूपए क्विंटल में धान बेचने रमन-भाजपा को चुनौती
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 जनवरी। भाजपा के सरकारी धान खरीद में अव्यवस्था के खिलाफ आंदोलन के पहले कांग्रेस ने पौने छह सौ भाजपा नेताओं की सूची जारी की है, जिन्होंने धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचा है। कांग्रेस नेताओं ने पूर्व सीएम रमन सिंह और भाजपा नेताओं को चुनौती दी है कि वे उनसे पांच क्विंटल धान ले जाएं, और देश के किसी भी कोने में 25 सौ रूपए में बेचकर दिखाएं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश प्रभारी को खुश करने और अपनी नौकरी बचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने नसीहत दी कि भाजपा को आंदोलन नहीं करना चाहिए, बल्कि किसान विरोधी कानूनों का हिसाब देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और संचार विभाग के मुखिया शैलेष नितिन त्रिवेदी ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रस्तावित किसान आंदोलन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश के 28 जिलों के 575 भाजपा नेताओं की सूची जारी की है, जिन्होंने हाल फिलहाल में सरकारी धान खरीदी केन्द्रों में अपना धान बेचा है। इसमें पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, सांसद संतोष पाण्डेय, विजय बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक रजिनेश सिंह, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, सत्यानंद राठिया, सुनीति राठिया सहित पार्टी के छोटे-बड़े नेता और पदाधिकारी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी भाजपा नेता ने निजी मंडी में धान बेचा, और न ही किसी अन्य राज्य में बेचने गए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा के लिए न किसान और न धान महत्वपूर्ण है। भाजपा को धान और नान घोटाले का हिसाब देना चाहिए। केन्द्र की भाजपा सरकार के किसान विरोधी कानूनों का भी हिसाब दे। उन्होंने लोकसभा चुनाव में किसानों की आय दोगुनी करने और स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने जैसे वादों का जवाब देेना चाहिए। नेताद्वय ने कहा कि प्रदेश में 15 साल किसानों के साथ हुए अन्याय और भेदभाव हुआ है। इसको लेकर भी अपना रूख साफ करना चाहिए।
श्री देवांगन और त्रिवेदी ने कहा कि पिछले 15 साल में बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्याओं की है। इसका भी भाजपा को जवाब देना चाहिए। नेताद्वय ने प्रदेश भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी को चुनौती दी है कि भाजपा शासित राज्यों में किसानों से खरीदे जा रहे धान के दाम और खरीदी की स्थिति की जानकारी को सार्वजनिक करना चाहिए। दोनों नेताओं ने कटाक्ष किया है कि भाजपा को आंदोलन करने का इतना ही शौक हैं, तो वे दिल्ली जाए, और किसानों के आंदोलन का समर्थन करे। छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में धान बेचने वाले भाजपा नेताओं को धान खरीदी पर आंदोलन में शामिल होने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री सम्माननिधि पर भी सवाल खड़े किए, और कहा कि केन्द्र 2019 के बजट में 5 एकड़ के किसानों को 6 हजार रूपये देने की घोषणा की। साल में तीन बार 2 हजार की राशि अर्थात प्रति दिन 17 रू. किसानों को देकर सम्मान नहीं बल्कि अपमान कर रही हैं, और पुन: 2014 चुनाव की भांति किसानों को भ्रमित करके वोट लेकर सता हथियाने का प्रयास कर रही है, जो पूरा नहीं होगा।


