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शहीद की ख्वाहिश पूरी करने अमरीका में बसा युवक बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचा
11-Dec-2020 12:08 PM
शहीद की ख्वाहिश पूरी करने अमरीका में बसा युवक बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचा

बस्तर में नक्सल हमले में शहीद जवान की बहन संग लिए सात फेरे

प्रदीप मेश्राम
राजनांदगांव, 11 दिसंबर (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)।
पश्चिमी सभ्यता और आलीशान वैवाहिक रीति-रिवाज से परे अमेरिका में बसे एक युवक ने बैलगाड़ी में बारात लाकर महंगी शादी के बढ़ते चलन पर एक आदर्श उदाहरण पेश किया है। 11 बैलगाड़ी लेकर सात फेरे लेने निकले इस युवक की सादगी को देखकर लोग हैरत में पड़ गए। 

अर्जुनी के रहने वाले शैलेन्द्र साहू ने इस विवाह के जरिये परंपराओं के गिरते स्तर को भी सम्हालने का जज्बा दिखाया है। शैलेन्द्र कुछ बरसों से अमेरिका में ही बस गए हैं। उनका विवाह जंगलपुर की ओनिशा के साथ हुआ है। 

बताया जाता है कि दुल्हन के भाई पूर्णानंद साहू करीब डेढ़ साल पहले बस्तर में नक्सल हमले में शहीद हो गए थे। शहीद जवान की ख्वाहिश थी कि जब भी बहन की शादी होगी तो वह दूल्हे पक्ष से बैलगाड़ी में ही बारात लाने की गुजारिश करते। नक्सल हमले में शहीद होने के कारण जवान की इच्छा भी खत्म हो गई। 

मिली जानकारी के मुताबिक शहीद पूर्णानंद के परिजनों ने दूल्हे शैलेन्द्र साहू और उसके परिवार के समक्ष बैलगाड़ी से बारात लाने का प्रस्ताव रखा। शहीद के इस रिवाज के तहत सात फेरे लेने की इच्छा को स्वीकार किया। अर्जुनी से जंगलपुर की दूरी लगभग 8 किमी है। दूल्हे ने 11 बैलगाड़ी में अपनी बारात निकाली। बैलगाड़ी के काफिले को देखकर राहगीरों और ग्रामीण अचरज में पड़ गए।
 
बताया जाता है कि आधुनिकता की दौड़ में इस शादी को देखकर लोगों के मन में एक तरह से उत्साह का संचार हुआ है। पिछले कुछ बरसों से शानो-शौकत दिखाने के लिए शादियों में लाखों रुपए फूंके जा रहे हैं। इससे परे अमेरिका में बसे इस नौजवान ने अपनी परंपरा के तहत विवाह कर एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। इस शादी को देखकर अब पुरानी रिवाजों के अनुसार विवाह करने की भी ग्रामीणों में खूब चर्चा हो रही है। सात फेरे लेने के बाद दुल्हन को भी बैलगाड़ी में बिठाकर बिदाई दी गई। 


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