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MHA ने रिपोर्टों की ऑटो-डिलीवरी के लिए CCTNS 2.0 में दिया प्रावधान
रायपुर/नई दिल्ली, 12 जनवरी। पोस्ट मोर्टम के बाद की रिपोर्ट एवं चोरी हुए वाहनों की नॉन ट्रेसेबल रिपोर्ट के लिए अब पीड़ित पक्षों को चक्कर नहीं काटने होंगे। गृह मंत्रालय ने बृजमोहन को जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रणाली पर काम चल रहा है जिसे की CCTNS 2.0 के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुँचाया जायेगा।
शीतकालीन सत्र के दौरान, बृजमोहन अग्रवाल ने सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए "पुलिस रिपोर्ट के डिजिटाइजेशन और ऑटो-डिलीवरी" के संबंध में यह बात रखी थी।
एक औपचारिक जवाब में, गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि अब CCTNS 2.0 में पोस्टमार्टम और चोरी की रिपोर्ट डाउनलोड करने की सुविधा को जोड़ा जा रहा है। यह अपग्रेडेड सिस्टम, जिसे अभी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) डेवलप कर रहा है, नागरिकों को पुलिस स्टेशन जाए बिना ऑनलाइन कानूनी रूप से मान्य, ई-साइन वाली रिपोर्ट एक्सेस करने की सुविधा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
MHA ने इस बात पर जोर दिया कि CCTNS 2.0 के तहत इन नए फीचर्स को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए "राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के साथ उचित सलाह-मशविरा" किया जाएगा। अभी, नौ ज़रूरी नागरिक सेवाएं जिनमें FIR की कॉपी और शिकायत की स्थिति ट्रैक करना शामिल है-पहले से ही राज्य पुलिस सिटिज़न पोर्टल के ज़रिए दी जा रही हैं। CCTNS 2.0 में प्रस्तावित बदलाव इस डिजिटल दायरे को बढ़ाएगा, जिसके लिए पूरे भारत में हज़ारों परिवारों को एक जैसी पहुँच और तेज़ी से कानूनी निपटारे सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर सहयोग की जरूरत होगी।


