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सुपरवाइजर, बॉक्साइट खदान के दो सुरक्षाकर्मी अगवा!
06-Dec-2020 4:54 PM
सुपरवाइजर, बॉक्साइट खदान के दो सुरक्षाकर्मी अगवा!

9 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं

पुलिस खोज जारी, अपहरण का मामला दर्ज नहीं-एसपी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुसमी (बलरामपुर), 6 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला अंतर्गत थाना सामरी के ग्राम पंचायत राजेंद्रपुर बॉक्साइट खदान के सुपरवाइजर सहित झारखंड सीमा से लगे कुकूद कांटा घर के सुरक्षाकर्मियों को नकाबपोश शस्त्रधारी कथित माओवादियों द्वारा बीते दिनों अगवा कर लिया गया है। अगवा करने पहुंचे नकाबपोशधारियों ने मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को पैसा नहीं मिलने का संदेश दिया था।

अपहरण के 9 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस को किसी प्रकार का सुराग नहीं लग पाया हैं, वहीं परिजनों ने भी मिली धमकी के कारण व अनहोनी के डर से किसी प्रकार का रिपोर्ट थाना में दर्ज नहीं कराया है। परिजन आस लगाए बैठे हैं कि कब उक्त सभी चंगुल से छूट कर कब वापस आएंगे। परिजन लगातार मीडिया के माध्यम से अपहरणकर्ताओं से अपील कर रहे हैं कि उन्हें सही सलामत छोड़ दिया जाए, सभी गरीब है तथा रोज कमा कर अपनी एवं परिवार की दिनचर्या चलाते हैं। 

अपहरण के मामले में पुलिस अधीक्षक बलरामपुर रामकृष्ण साहू व सामरी थाना प्रभारी रुपेश कुंतल एक्का ने बताया कि सामरी थाना में अब तक अपरहण का कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। अपरहण होने की जानकारी किसी भी प्रार्थी ने आकर नहीं दी है। पुलिस प्रशासन के द्वारा ऑपरेशन जारी है तथा अपनी-अपनी सीमा में लगातार सर्चिंग हो रहा है। 

यह हैं पूरा मामला...

झारखंड सरहद से पहुंचे करीब 20 की संख्या में नकाबपोश शस्त्रधारी माओवादियों ने शनिवार 28 नवम्बर की देर रात को अपनी मौजूदगी छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर बलरामपुर जिला के सामरी थाना अंतर्गत स्थित ग्राम सरईडीह में दी। यहां से बॉक्साइट ठेकेदार के सुपरवाइजर रामधनी यादव एवं कुकुद माइंस में ड्यूटी कर रहे हिंडालको कंपनी के दो गार्ड सूरज सोनी व संजय यादव को अगवा कर अपने साथ ले गएए। उक्त लोगों को अगवा कर माओवादी ग्राम पंचायत जलजली पहुंच कर दो बॉक्साइट ठेकाकर्मी शिवबालक यादव व मनोज यादव को घर से निकलवा कर लाठी डंडे से निर्दयता पूर्वक बेदम पिटकर छोड़ दिया, जिन्हें अगले दिन सुबह अंबिकापुर अस्पताल में दाखिल कर इलाज कराया गया। पिटाई से शिव बालक यादव को गहरी चोट आई हैं।

पिटाई से घायल मनोज यादव और शिवबालक यादव ने बताया कि पैसे का मांग करते हुए उन्हें पीटा गया है। इस पूरे वारदात से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नकाबपोश हथियारबंदधारियों ने लेवी वसूली के कारण उक्त घटना का अंजाम दिया है।

दर-दर भटक रहे परिजन
9 दिन बीत जाने के बाद भी अपहरणकर्ताओं के द्वारा परिजनों को कोई संदेश जारी नहीं किया गया है। पीडि़त परिवार का बुरा हाल है। अपहृत लोगों की कोई जानकारी नहीं मिलने पर चिंतित परिजन हिंडालको प्रबंधक से मुलाकात कर किसी भी तरह से माओवादियों के चंगुल से अपहृत लोगों को छुड़ाने की गुहार लगा रहे हैं। 

अपहृत लोगों के परिजनों ने हिंडालको प्रबंधक से मुलाकात करने पहुंचने के दौरान ‘छत्तीसगढ़ ’ को बताया कि एसपी साहब एक बार आए थे तथा उसके बाद से कोई भी किसी प्रकार का सुध लेने हम लोगों के पास नहीं आ रहा है। न तो हिंडाल्को के अधिकारी पूछ परख करने आए हैं और न ही हिंडाल्को के ठेकेदार। जिस कारण परिवार जन खुद को असहाय महसूस कर दर-दर भटक रहे हैं।


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