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-सौरभ चौहान
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली के पास चालौंठी क्षेत्र में कई लोगों को अपना घर खाली करना पड़ा है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से की जा रही भारी ब्लास्टिंग की वजह से कम से कम 15 घरों में दरारें आई हैं.
वहीं, इस बीच प्रशासन ने तुरंत इमारतें खाली कराईं और पूरे निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है.
शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया, "देर रात सूचना मिलने पर प्रभावित घरों को खाली करवाया गया है. पूरे निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है.”
यह घटना भट्ठाकुफर और संजौली के बीच बन रही सुरंग से जुड़ी है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अनियंत्रित ब्लास्टिंग से नाज़ुक फिलाइट चट्टानों में कैविटी बन गई, जिससे इमारतों और सड़कों में दरारें पड़ गईं. तीन दिन पहले से हल्की दरारें दिख रही थीं, लेकिन शुक्रवार की रात स्थिति बिगड़ गई.
इस कड़ाके की ठंड (तापमान 1 डिग्री सेल्सियस के आसपास) में 15 घरों के परिवारों को बाहर निकाला गया. कुछ लोग सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हुए, जबकि कुछ ने रिश्तेदारों के पास या होटलों में शरण ली.
स्थानीय निवासी प्रिया ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "हम 15 साल से यहां किराए पर रह रहे हैं. एनएचएआई से पहले शिकायत की गई थी, लेकिन तब उन्होंने कहा कोई समस्या नहीं. अब इमारत गिर सकती है."
नगर निगम पार्षद ममता चंदेल ने कहा, "एनएचएआई द्वारा किए जा रहे सुरंग कार्य के कारण घरों और सड़कों में नई दरारें पड़ गई हैं. प्रशासन पूरा सहयोग करने की कोशिश कर रहा है. तीन इमारतें गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं. रात में ब्लास्टिंग इसका मुख्य कारण है."
राज्य के पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा, "ब्लास्टिंग से दरारें आ रही हैं. ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाने के सख़्त निर्देश जारी किए गए हैं."
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया, "एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जो एक हफ़्ते में नुक़सान की विस्तृत आकलन रिपोर्ट पेश करेगी."
"इस रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को मुआवज़ा दिया जाएगा. स्टेट जियोलॉजिस्ट भी कारणों की जांच कर रहे हैं. फिलहाल फोरलेन निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया है."
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर सदानंद मोहंती ने कहा कि इस घटना की जांच चल रही है. (bbc.com/hindi)


