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माकपा का भारत बंद समर्थन
06-Dec-2020 12:38 PM
माकपा का भारत बंद समर्थन

किसान विरोधी कानून वापिसी की मांग 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 दिसंबर।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य वामपंथी पार्टियों ने अभा किसान संघर्ष समन्वय समिति और अन्य किसान संगठनों व मोर्चों के 8 दिसम्बर को भारत बंद का समर्थन किया है।  उन्होंने मांग की है कि संसद में अलोकतांत्रिक ढंग से पारित कॉर्पोरेटपरस्त किसान विरोधी तीनों कानूनों व बिजली कानून में संशोधन वापस लिया जाए। 

आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने कहा है कि ये कानून भारतीय कृषि को कॉरपोरेटों के हाथों गिरवी रखने वाले तथा ग्रामीणों और आम उपभोक्ताओं का सर्वनाश करने वाले कानून हंै। ये कानून देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न सुरक्षा के लिए खतरा है। इन्हें निरस्त करने के अलावा कोई उपाय नहीं है।

पराते ने भाजपा और संघी गिरोह द्वारा किसान आंदोलन के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार की तीखी निंदा की तथा कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलनरत किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी या पाकपरस्त कहना देश के अन्नदाताओं का अपमान है। किसानों के खिलाफ इस दुष्प्रचार से भाजपा और संघी गिरोह का किसान-मजदूर विरोधी चाल, चरित्र और चलन खुलकर सामने आ गया है।

माकपा ने कांग्रेस और किसान हितों की पक्षधर सभी राजनैतिक पार्टियों और संगठनों से अपील की है कि 8 दिसम्बर को भारत बंद के आह्वान का सक्रिय समर्थन करें, ताकि मोदी सरकार को किसान विरोधी कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके और उसकी देश को बेचने की साजिश को विफल किया जा सके।


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