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माराडोना: अर्जेंटीना में तीन दिन का शोक, सड़कों पर उतरे फ़ैंस
26-Nov-2020 3:31 PM
माराडोना: अर्जेंटीना में तीन दिन का शोक, सड़कों पर उतरे फ़ैंस

1982 के फ़ुटबॉल विश्वकप में ओहवाल्दो अर्बिलेस के साथ डिएगो माराडोना

डिएगो माराडोना के निधन के बाद अर्जेंटीना में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक है. बुधवार को 60 साल की उम्र में बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली.

माराडोन के पार्थिव शरीर को राष्ट्रपति के दफ़्तर कासा रोसारा लाया गया है. यहां तीन दिनों तक लोग श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे.

माराडोना की टीम के साथी रहे ओहवाल्दो अर्बिलेस ने कहा है कि जितनी शोहरत और प्रशंसा माराडोना को मिली उतनी आज के फ़ुटबॉल के सुपरस्टार लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो को भी नहीं मिली.

फ़ुटबॉल की दुनिया की कई हस्तियों ने माराडोना को श्रद्धांजलि दी. इनमें मेसी, रोनाल्डो से लेकर ब्राज़ील के महान खिलाड़ी पेले भी शामिल हैं.

पेले ने श्रद्धांजलि में कहा- "मैंने एक क़रीबी दोस्त खो दिया और दुनिया ने एक महान खिलाड़ी खोया है. मुझे उम्मीद है कि एक दिन हम दोनों आसमान में एक साथ फ़ुटबॉल खेलेंगे."

मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गुआर्डियेलो ने कहा कि मारोडाना ने वर्ल्ड फुटबॉल को और बेहतर बनाया.

इटली में नेपोली क्लब के स्टेडियम के बाहर रोता माराडोना का एक फ़ैन

अर्बिलेस ने बीबीसी से कहा कि माराडोना बेइंतहा उत्कृष्ट थे. लेकिन ऐसा नहीं था कि सब कुछ इतना आसान था. जीवन के शुरुआती दिन माराडोना के लिए बहुत कठिन था. इनका बचपन किसी आम बच्चे की तरह नहीं था और किशोरावस्था भी सामान्य नहीं थी. हर कोई उनके साथ होना चाहता था, हर कोई उनसे ख़ुद को जोड़ना चाहता था और ये सब बहुत ही मुश्किल भरा था.
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अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में माराडोना की मौत की ख़बर मिलने के बाद उनके समर्थकों का जुटा हूज़ूम.

अर्बिलेस कहते हैं कि लोग पुर्तगाल के स्ट्राइकर रोनाल्डो को पसंद करते हैं या अर्जेंटीना के फॉर्वर्ड मेसी को पसंद करते हैं लेकिन वो माराडोना वाली शोहरत सपने में भी नहीं पा सकते. माराडोना का चमत्कार सदाबहार है.

अभी माराडोना के शव का पोस्टमॉर्टम बाक़ी है. स्थानीय समय के हिसाब से माराडोना का निधन बुधवार दोपहर ब्यूनस आयर्स के टाइगर शहर स्थित उनके घर में हुआ.

माराडोना की इस महीने की शुरुआत में मस्तिष्क से ब्लड क्लॉट निकालने के लिए सफलतापूर्वक सर्जरी हुई थी.

इसके साथ ही शराब की लत से मुक्ति के लिए भी उनका इलाज चल रहा था.

बुधवार को चैंपियंस लीग मैचों में माराडोना के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा गया. इस हफ़्ते यूरोपियन फिक्सर्स में भी एक मिनट का मौन रखा जाएगा.

बार्सिलोना और बेयर्न म्यूनिख फुटबॉल क्लब के पूर्व बॉस गुआर्डियेलो ने कहा, ''एक साल पहले अर्जेंटीना में मैंने एक बैनर देखा था जिस पर लिखा था, ''इसका कोई मायने नहीं है कि आपने अपनी ज़िंदगी में क्या किया लेकिन माराडोना मायने रखते हैं कि उन्होंने हमारे जीवन में क्या असर डाला. माराडोना ने हमें क्या दिया इसे समझने के लिए यह काफ़ी है. विश्व फुटबॉल को माराडोना ने रोमांचक बनाया.''

अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयरस में माराडोना की तस्वीर पर शोक प्रकट करता एक समर्थक

माराडोना के बेटे और अर्जेंटीना के डिफेंडर मॉरिचियो पॉचिटीनो ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा है, ''यह दुख तोड़ने वाला है. डिएगो आप मेरे हीरो और दोस्त थे. मैं सौभाग्यशाली हूं कि आपके साथ जीने और फुटबॉल को भी जीने का मौक़ा मिला.''

पोप फ़्रांसिस अर्जेंटीना के ही हैं और उन्होंने कहा है कि वो अपनी प्रार्थना में माराडोना को याद करेंगे.

बुधवार को अर्जेंटीना में फुटबॉल क्लब इंटरनेशनल और माराडोना के पूर्व क्लब बोका जूनियर्स के बीच मैच था, जिसे रद्द कर दिया गया. बड़ी संख्या में स्टेडियम में प्रशंसक पहुँचे और माराडोना के दुनिया छोड़ने के ग़म में कई लोग रोने लगे.

ऐसा तब है जब ये युवा खिलाड़ी माराडोना के वक़्त में बच्चे रहे होंगे. माराडोना के प्रभाव को अर्जेंटीना में आँका नहीं जा सकता है.

बड़ी संख्या में प्रशंसक सैन एंड्रेस के पास पहुंच गए, जहां माराडोना रहते थे. अर्जेंटीना की राजधानी में माराडोना को प्रशंसक कई तरह से याद कर रहे हैं.

नेपोली के सन पाउलो स्टेडियम पर जुटे भावुक फ़ैन

हज़ारों मील दूर इटली में नेपोली के सान पाउलो स्टेडियम में लोग जुटे और यहाँ भी माराडोना को श्रद्धांजलि दी गई. यह जगह माराडोना के लिए ख़ास है क्योंकि यहां इटैलियन क्लब के लिए 188 मैच खेले और 88 गोल दागे.

यहाँ आकाश में रौशनी और पटाखे फूटने लगे. लोगों ने माराडोना शर्ट और यहां तक कि फेस मास्क भी लगा रखा था. लोगों ने माराडोना को लेकर नारे लगाए और आँसू भी बहाए.

नेपोली भी माराडोना की मौत की ख़बर से ग़म के सागर में डूबा हुआ है. शहर के मेयर ने सन पाउलो स्टेडियम का नाम माराडोना के नाम पर रखने की घोषणा की है.

बीबीसी रेडियो 5 से माराडोना के ख़िलाफ़ खेलने वाले पाउल एलिओट ने कहा, ''माराडोना बेमिसाल थे. उनमें ग़ज़ब की प्रतिभा थी. उनकी मौजूदगी हमेशा असाधारण होती थी. उनकी ऊर्जा भी अतुलनीय थी. नापोली दक्षिणी इटली का पिछड़ा इलाक़ा है, लेकिन नापोली की पूरी पहचान माराडोना के इर्द-गिर्द है. इस क्लब से जब माराडोना जुड़े तो इसका प्रभाव बहुत ही व्यापक था. यहां के लोगों की सफलता और उम्मीद को जगाने में माराडोना की अहम भूमिका थी. हम कह सकते हैं कि वो अनूठा था.'' (bbc.com)


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