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65 वर्ष से अधिक उम्र के संक्रमितों को अब होम आइसोलेशन नहीं, अस्पताल में भर्ती होना जरूरी
बिलासपुर, 21 नवंबर। दीपावली पर टूटे सोशल डिस्टेंस का असर अब दिखाई देने लगा है। जिले में बीते पांच दिनों से लगातार 100 से ऊपर मरीज मिल रहे हैं। रायपुर के बाद अब बिलासपुर में भी जिले की सीमाओं पर कोविड जांच करने का निर्णय लिया गया है।
दीपावली के बाद लगातार दो दिन कोरोना मरीज कम संख्या में मिले क्योंकि जांच कराने के लिये ही ज्यादा लोग नहीं आये। इसके पहले तीन दिन कोरोना लैब को सफाई के लिये बंद रखा गया था। इसके बाद लगातार 100 से ऊपर मरीज मिल रहे हैं। बीते 24 घंटे में 152 मरीजों को मिलने के साथ अब जिले में कुल मरीजों की संख्या 14 हजार 856 पहुंच गई। बीते 24 घंटे में 198 मरीज डिस्चार्ज भी किये गये। अब ठीक होने वाले रोगियों की संख्या बढ़कर 13 हजार 981 पहुंच चुकी है।
बीते 24 घंटे में किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। शून्य आंकड़ा काफी दिनों बाद आया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की रोकथाम के लिये दो महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। अब 65 वर्ष से अधिक उम्र के रोगियों को होम आइसोलेशन पर नहीं रखा जायेगा, बल्कि उन्हें अस्पताल में ही दाखिल होने कहा जायेगा। ऐसा इसलिये किया जा रहा है क्योंकि अधिक उम्र के कोरोना संक्रमितों में मृत्यु की दर ज्यादा है। नवंबर माह के 20 दिनों में शहर के विभिन्न अस्पतालों में 53 मरीजों की मौत हुई है जिनमें 15 बिलासपुर जिले के व शेष अन्य जिलों से हैं।
रायपुर के बाद बिलासपुर दूसरा शहर होगा जहां प्रवेश के पूर्व कोरोना संक्रमण की जांच अनिवार्य की जा रही है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस सम्बन्ध में ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारियों को कलेक्टर के अनुमोदन के बाद निर्देश जारी किया है। रायपुर रोड पर भोजपुरी टोल प्लाजा, जीपीएम जिले के केंदा चेक पोस्ट, तखतपुर की बेलसरी, रायगढ़ रोड पर मस्तूरी व कोरबा रोड पर बेलतरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम बनाकर एटिंजन टेस्ट किया जायेगा। मरीज पाये जाने पर उन्हें आवश्यकता अनुसार होम आइसोलेशन या सम्बन्धित जिले के अस्पताल में रेफर किया जायेगा।


