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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कसडोल, 18 नवंबर। देर रात कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के बीच कसडोल तहसील क्षेत्र के सुदूर वन क्षेत्र के मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर तीन बसों एवं एक पिकअप से उत्तर प्रदेश के ईंट भ_े ले जा रहे करीब चार सौ मजदूरों को तहसीलदार एवं राजस्व विभाग की टीम ने पकड़ा। आज सुबह श्रम विभाग द्वारा मजदूरों का बयान लेकर मजदूरों को उनके घर वापस भेज दिया तथा संबंधित वाहनों एवं तस्करों के खिलाफ श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
17 नवंबर को एसडीएम को सूचना मिली कि कसडोल अनुविभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्र से तस्करों द्वारा बसों में मजदूरों को ले जाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना की तस्दीक करने एसडीएम ने तहसीलदार एसएल सिन्हा, नायब तहसीलदार श्रीधर पण्डा, भवानी शंकर साव, आरआई आरके कैवत्र्य, नोहर साहू, पटवारीगण ऋषि मिश्रा, सत्यवान पाठक, अश्विनी पैकरा आदि की टीम को बताए गए गांव के लिए रवाना किया और साथ ही प्रशिक्षु डीएसपी पाण्डेय को भी सूचना दी।
तहसीलदार के नेतृत्व में गए राजस्व विभाग की टीम ने वन क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सिंह बस सर्विस के वाहन क्र यूपी 72 - ए टी - 4721, यूपी 65 - डी टी - 7345 एवं सीजी 04 - ई ए - 0223 तथा एक पिकप वाहन सीजी 06 - एम - 0692 को मजदूरों को तस्करी कर ले जाते हुए पकड़ा। तहसीलदार सहित राजस्व विभाग की टीम को देखकर तस्कर मौके से फरार हो गए।
तहसीलदार एवं टीम ने मजदूरों से भरे बस को कसडोल लाकर गुरू घासीदास उमावि के मैदान में खड़ी कराया और मजदूरों सहित चारों वाहनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। दूसरे दिन सुबह श्रम निरीक्षक एलआर यदु ने गुरू घासीदास विद्यालय के मैदान पहुंचकर मजदूरों का बयान दर्ज किया और सभी मजदूरों को उन्हीं वाहनों में वापस उनके घर लौटा दिया।
श्रम निरीक्षक ने कहा कि मजदूर प्रशासन की अनुमति के बिना अन्य व्यक्ति के साथ जा रहे थे, इसलिए उनको वापस भेज दिया गया और ले जा रहे संबंधित लोगों जिनका नाम मजदूरों ने बताया है, उनके खिलाफ तथा संबंधित वाहनों के खिलाफ श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।



