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-हमजा अमीर
इस्लामाबाद, 14 नवंबर (आईएएनएस)| पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार पर इजरायल को मान्यता देने का दबाव है, मगर इस्लामाबाद कभी भी 'जियोनिस्ट्स' के साथ संबंध स्थापित नहीं करेगा।
खान ने एक निजी टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार के दौरान यह खुलासा किया, जहां उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन सहित अरब देशों द्वारा इजरायल को मान्यता देने के बाद, इस्लामाबाद को भी इजरायल को मान्यता देने के लिए कहा जा रहा है, जिसे उनकी सरकार ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
खान ने कहा है कि इजरायल को मान्यता तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि दशकों पुराने फिलिस्तीनी मुद्दे का निपटारा नहीं हो जाता।
उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इजरायल को मान्यता देने के बारे में उनका कोई 'दूसरा विचार' नहीं है। उन्होंने कहा, "इजरायल को मान्यता देने के बारे में मेरे पास कोई दूसरा विचार नहीं है, जब तक कि फिलीस्तीनियों को संतुष्ट नहीं किया जाता है।"
जब खान से उन देशों का नाम पूछा गया, जिन्होंने इस्लामाबाद को इजरायल को मान्यता देने के लिए दबाव दिया है तो उन्होंने इसका जवाब देने से परहेज किया और चुप्पी साध ली।
उन्होंने कहा, "ऐसी चीजें हैं, जो हम नहीं कह सकते। उनके साथ हमारे अच्छे संबंध हैं।"
खान ने दोहराया कि पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना ने इजरायल को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद जिन्ना के नक्शे कदम पर चलते हुए फिलिस्तीन को समर्थन जारी रखेगा।
खान ने कहा कि इजरायल का अमेरिका में एक मजबूत प्रभाव है और इजरायल को मान्यता देने के लिए अन्य देश दबाव डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा, "दबाव अमेरिका में इजरायल के गहरे प्रभाव के कारण है।"


