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राज्य स्थापना दिवस पर नई योजनाओं की शुरूआत भी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 1 नवंबर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कहा कि देश में छत्तीसगढ़ एक नया मॉडल राज्य बन रहा है। किसानों, आदिवासियों के हितों की रक्षा और बेहतर शिक्षा की व्यवस्था करके युवाओं के भविष्य को गढऩे का काम छत्तीसगढ़ राज्य में हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का धन हर नागरिक के हाथों में जाना चाहिए। इस मौके पर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना का शुभारंभ किया गया। साथ ही किसानों के खाते में राजीव गांधी न्याय योजना की तीसरी किश्त ट्रांसफर की गई।
गांधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से छत्तीसगढ़ के लोगों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसान और मजदूर देश की नींव है। इनके कमजोर होने से देश कमजोर होगा। राहुल गांधी ने कहा कि देश वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में जो कमजोर हैं, उन्हें ज्यादा कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि देश में किसानों की हालत किसी से छुपी नही है। किसानों के आत्महत्या की खबरें लगातार आ रही हैं। हमें किसानों और मजदूरों की रक्षा करनी चाहिए, उनके साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की नींव गांव है और गांव की नींव किसान और मजदूर है। यदि किसान और मजदूर कमजोर होंगेे, तो पूरा देश कमजोर हो जाएगा। किसानों और मजदूरों की रक्षा का मतलब देश की रक्षा के साथ-साथ देश की नींव को मजबूत करना और भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि इसी तरह देश के भविष्य की नींव बच्चे और युवा हैं। युवाओं को यदि बेहतर अवसर और भविष्य नहीं मिलेगा तो इससे देश कमजोर होगा।
गांधी ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, मजदूरों और गरीबों की भलाई के लिए शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की ये तीनों योजनाएं नींव को मजबूत बनाने और उसकी रक्षा करने वाली है। इससे पूरे देश को मजबूती मिलेगी। राहुल गांधी ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ ने पूरे देश को रास्ता दिखाया है। चाहे वो किसानों की मदद और जमीन की रक्षा का मामला हो, उद्योग धंधों को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण और युवाओं को स्वावलंबी बनाने का काम हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मंत्रि-मंडल एवं सहयोगियों की टीम पूरे विजन के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करके आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों एवं युवाओं को भी अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा सुलभ कराई है।
गांधी ने देश में किसानों की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज किसान परेशान है, उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में पारित तीन नये कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि उपज मंडियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य का महत्वपूर्ण रोल है। इससे किसानों के हितों की रक्षा होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी सिस्टम में कमियां हो सकती है। इसका ये मतलब नही है कि उसको खत्म कर दिया जाए।
सिस्टम में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में 2006 में मंडियों को खत्म करने के बाद से लगातार किसानों की स्थिति कमजोर हुई है। केन्द्र सरकार के इन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ हम लड़ाई लड़ रहे हैं। पंजाब और छत्तीसगढ़ में इसका विरोध हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री से इन तीनों कृषि कानूनों पर फिर से विचार करने और मंडी सिस्टम को मजबूत बनाने का आग्रह किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री इस पर पुर्नविचार जरूर करेंगे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक यूनिक स्टेट है। यहां जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक सम्पदा भरपूर है। छत्तीसगढ़ गरीब नही है, जनता गरीब है। मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार ने इन विसंगतियों को दूर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की राशि यहां के लोगों की बेहतरी और छत्तीसगढ़ को नये विजन के साथ आगे ले जाने के लिए खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की दिशा में सरकार और उसकी पूरी टीम एक साथ मिलकर काम कर रही है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के 21 वें स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री बघेल ने कहा कि हमें खुशी हैं कि पिछड़ेपन और असंतुलित विकास को दूर कर छत्तीसगढ़ के आम लोगों की भावना के अनुरूप विकास करने के छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माताओं की सोच के अनुरूप काम करने में हम सफल हुए हैं । आदिवासी क्षेत्रों में संचालित पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की योजनाओं की सफलता की प्रशंसा नीति आयोग और अन्य नीति निर्माता संस्थाओं ने की है।
श्री बघेल ने कहा कि बीते एक साल में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की बदौलत 67 हजार कुपोषित बच्चे कुपोषण के चक्र से बाहर आ गये हैं । राज्य में कुपोषित बच्चों की संख्या में 13.79 प्रतिशत की गिरावट आयी है । उन्होंने कहा श्रीमती सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने जो विजन दिया था, उस विजन को हम जमीन पर मूर्तरूप देने में कामयाब हो रहे हैं । मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केन्द्र सरकार के किसान विरोधी कानून से अपने राज्य के किसानों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने का पुख्ता उपाय कर दिया हैं। मंडी एक्ट में संशोधन किया है अब हमारे राज्य के किसानों को कोई हानि नहीं होगी।
राज्य के अधोसंरचना और औद्योगिक विकास की दिशा में भी हमने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। हमने उद्योगों की स्थापना के लिए 25 एमओयू किये है और 22 नवीन एमओयू प्रस्तावित हैं। इससे राज्य में लगभग 20 हजार करोड़ का पूंजी निवेश होगा और लगभग 36 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारे अथक प्रयासों के बाद केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को धान से इथेनाल बनाने की योजना को अनुमति प्रदान की है। इससे हमारे किसानों की आय में अतिरिक्त इजाफा होगा। राज्य में इथेनाल बनाने के उद्योग लगने पर लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना है।
राज्योत्सव के वर्चुअल कार्यक्रम का संचालन कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और अंत में आभार प्रदर्शन, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर, डॉ. प्रेमसाय सिंह, डॉ. शिव कुमार डहरिया, अमरजीत भगत, कवासी लखमा, श्रीमती अनिला भेंडिय़ा, गुरू रूद्र कुमार, उमेश पटेल, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग, मुख्यसचिव आरपी मंडल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


