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कोरोना संकट में फंसी पोल्ट्री उद्योग को मिला सीएम का साथ
16-Oct-2020 2:26 PM
कोरोना संकट में फंसी पोल्ट्री उद्योग को मिला सीएम का साथ

हर संभव सहायता का भरोसा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 16 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में पोल्ट्री इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। गौरतलब है कि इस कोरोनाकाल में पोल्ट्री इंडस्ट्रीज कई चुनौतियों से जूझ रही है। छत्तीसगढ़ के पोल्ट्री उद्योग के प्रमुख आईबी समूह के बहादुर अली ने सीएम हाउस में इंडस्ट्रीज से जुड़ी तमाम समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ध्यानाकर्षण किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने पूरी गंभीरता से इस उद्योग के संरक्षण के उपायों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी से जुड़े हुए मुर्गीपालन और मछली पालन के व्यवसाय की प्रदेश में काफी संभावनाएं है। इन व्यवसायों से युवाओं को जोडऩे के लिए पोल्ट्री और मछली पालन के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों को उनकी उपज की बेहतर कीमत दी जा रही है। इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद दी जा रही है। इस राशि का उपयोग किसान परिवार के युवा मुर्गी पालन और मत्स्य पालन व्यवसाय में आगे बढऩे में कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पोल्ट्री फार्मर एसोसिएशन के बहादुर अली के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। उद्योग मंत्री कवासी लखमा भी इस मौके पर उपस्थित थे। चर्चा के दौरान एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मुर्गी खाद की मशरूम उत्पादकों के बीच अच्छी मांग है। इसमें नाईट्रोजन प्रचुर मात्रा में होता है। यदि मुर्गी खाद के प्रमाणीकरण की व्यवस्था की जाए तो मुर्गी खाद का अच्छा मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुर्गी खाद के प्रमाणीकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में 90 प्रतिशत छोटे पोल्ट्री फार्मर्स है। कोरोना संकट की वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। यदि राज्य शासन द्वारा विद्युत शुल्क में छूट दी जाती है तो इससे पोल्ट्री व्यवसायियों को बड़ा सहारा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार का आश्वासन दिया। मुर्गी दाने के रूप में उपयोग होने वाले मक्का और सोयाबीन का रकबा बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मक्का और सोयाबीन की खपत पोल्ट्री इंडस्ट्रीज में बढ़ती है तो इन फसलों का रकबा बढ़ाने की पहल की जाएगी।
 
गौरतलब है कि पोल्ट्री व्यवसाय में राजनांदगांव में आईबी समूह ने न सिर्फ बड़ी तादाद में लोगों को इस माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि लघु और सीमांत उद्यमियों, किसानों को भी इसके लाभ से जोड़ा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, छत्तीसगढ़ पोल्ट्री फार्मर एसोसिएशन के बहादुर अली, अंजुम अल्वी, संजय ब्रम्हकर, गोविंद चंद्राकर, एमके वर्मा, रवि चंद्राकर उपस्थित थे।


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