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एक और लौह अयस्क की खदान नीलाम
15-Jan-2026 4:59 PM
एक और लौह अयस्क की खदान नीलाम

साढ़े 6 हजार करोड़ राजस्व प्राप्ति की उम्मीद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 15 जनवरी। प्रदेश की एक और लौह अयस्क की खदान नीलाम हो गई है। गोपाल टोला खदान को पश्चिम बंगाल की जोडियाकडीलर ने सवा सौ फीसदी अधिक बोली लगाकर हासिल की। जिससे राज्य को साढ़े 6 हजार करोड़ से अधिक की राजस्व प्राप्ति होगी। इससे परे महासमुंद जिले में गोल्ड माइंस की नीलामी को एक हफ्ता और बढ़ा दी गई है।  बताया गया कि केसीजी निकट गोपालटोला लौह अयस्क ब्लॉक की ई-नीलामी सफलतापूर्वक हुई।

 ई-नीलामी केंद्र सरकार की एजेंसी एमएमटीसी के माध्यम से की गई। नीलामी से राज्य को कुल अनुमानित 6,620 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। इसमें 5,831 करोड़ राजस्व प्रीमियम के रूप में, 699 करोड़ रॉयल्टी के रूप में, 70 करोड़ जिला खनिज न्यास के लिए तथा 21 करोड़ राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास के लिए शामिल हैं।

खनिज विभाग के सूत्रों के मुताबिक ई-नीलामी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पश्चिम बंगाल की जोडियाक डीलर्स ने 125 फीसदी से अधिक बोली लगाकर खदान हासिल करने में सफल रही। राज्य को पारदर्शी एवं अधिकतम मूल्य प्राप्त हुआ।

खनिज अफसर ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि प्राप्त राजस्व से राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।

 

बताया गया कि खनिज विभाग ने एक गोल्ड, और एक सिल्वर, कॉपर, बेस मेटल्स के अलावा दो लाइम स्टोन व एक आयरन ओर  माइंस की नीलामी के लिए ऑफर बुलाए गए थे। केन्द्र सरकार की एजेंसी एमएमटीसी के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। 

छत्तीसगढ़ में सबसे पहले भी सोनाखान इलाके के बागमहरा में गोल्ड मांइस की नीलामी हुई थी। वर्तमान में महासमुंद जिले के करणखोल-रचपालपुर इलाके में गोल्ड की पुष्टि होने के बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई।

 सूत्रों के मुताबिक सिर्फ दो कंपनियों ने ही नीलामी में हिस्सा लिया है। इसको देखते हुए नीलामी एक हफ्ता और बढ़ा दी गई है। ताकि और कंपनियां नीलामी में हिस्सा ले सके।

चयनित कंपनियों को कंपोजिट लाइसेंस दिए जाएंगे। यानी कंपनियों प्रास्पेटिंग के बाद माइनिंग लीज के लिए अनुमति होगी। बागमहरा गोल्ड माइंस में खनन गतिविधियां शुरू भी हो गई है।


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