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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 अक्टूबर। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान ने बुधवार को कृषि बिल पर यहां कहा कि प्रदेश सरकार के नया बिल लाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून बनाने का अधिकार राज्य को नहीं है। हां, राजनीति करने का अधिकार जरूर है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी यही कर रहे हैं।
बालियान ने मीडिया से चर्चा में केन्द्र सरकार के तीनों विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तीनों कृषि विधेयकों पर कहा कि तीनों बिल किसानों के हित में है। उन्होंने कहा कि कृषि विधेयकों से किसानों को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपना अधिकार मिले और अपना उत्पाद कहीं भी बेच सके, इसका प्रावधान किया गया है।
बालियान ने यह भी कहा कि विधेयक में संशोधन को लेकर केवल भ्रांति फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि एक्ट में संशोधन है और यह किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे धान के एमएसपी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एमएसपी भी रहेगी, मंडियां भी रहेंगी। इससे कहीं कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कांट्रेक्ट फार्मिंग से भी कोई नुकसान नहीं है। क्योंकि उसमें एग्रीमेंट केवल फसल के लिए होगा। भूमि का कहीं कोई जिक्र नहीं है। और अगर इसके अंतर्गत कोई नुकसान फसल का होता है, तो नुकसान का मुआवजा व्यापारी को देना होगा। बालियान ने कहा कि विधेयकों को लेकर केवल भ्रांति फैलाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को बहकाया जा रहा है। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी सबसे ज्यादा निर्णय केवल भाजपा द्वारा ही लिया गया है। राज्य को केन्द्र सरकार का धन्यवाद करना चाहिए।


