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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 13 अक्टूबर। एक महिला द्वारा शादी से इंकार करने पर आरोपी ने उसके दो साल के भतीजे का अपहरण कर लिया। पुलिस ने आरोपी को पेन्ड्रारोड स्टेशन पर धर दबोचा और बच्चे को सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
मूलत: भिण्ड जिले का रहने वाला आरोपी कल्लू सिरगिट्टी में एक रेलवे ठेकेदार के यहां काम करने के लिए आया था और उसी के घर पर रहता था। वहां वह उसकी पत्नी से प्यार करने लगा और उससे शादी करना चाहता था लेकिन महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। इस बात पर उस महिला और ठेकेदार से आरोपी कल्लू का झगड़ा भी हुआ।
विवाद के बाद वह राजा समुद्रे के यहां हेमूनगर, तोरवा में आकर रहने लगा, जो महिला का भाई है। उसने महिला से बदला लेने के लिये उसके भाई राजा के दो साल के बच्चे आर्यन का अपहरण करने की ठानी। रविवार की शाम उसे घुमाने के बहाने वह लेकर निकल गया और सीधे उसलापुर स्टेशन पहुंचा। इधर आरोपी के साथ बच्चे के गायब होने पर परिजनों ने पहले तो तलाश की फिर तोरवा थाने में सूचना दी।
विवेचना अधिकारी संगीता नेताम ने बताया कि आरोपी की तलाश शुरू की गई। जीआरपी को सूचना दी गई। इस बीच उसलापुर रेलवे स्टेशन में उसे देखा भी गया था। वहां जीआरपी व रेलवे के कर्मचारियों ने उनसे पूछताछ की तो उसे अपना भतीजा बताया। चूंकि बच्चा उसके साथ खेल रहा था, इसलिये किसी को कोई आशंका भी नहीं हुई।
आरोपी के बारे में पता चला कि वह ग्वालियर में अपनी बहन से बात करता था लेकिन उसके घर के बारे में किसी को पता नहीं था। आरोपी के बहन के फोन को सर्विलांस में रखा गया।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि बिलासपुर से पेन्ड्रारोड तक सभी स्टेशनों को अलर्ट में रखा गया। सोमवार की रात उसे पेन्ड्रारोड स्टेशन पर बच्चे के साथ देखा गया। वहां की जीआरपी ने मोबाइल पर फोटो खींचकर भेजा तो वह तुरंत पहचान लिया गया। वह बच्चे को पीठ में लादे प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था और अमरकंटक एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह बच्चे को लेकर ग्वालियर भागने वाला था। उसलापुर से वह पेन्ड्रारोड स्टेशन किसी लोकल ट्रेन में पहुंचा था।


