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ध्रुव का 16 को नामांकन दाखिल, कहा-जीत सुनिश्चित
राजेश अग्रवाल
बिलासपुर, 12 अक्टूबर (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। शाम 6 बजे जैसे ही मरवाही के लिये कांग्रेस उम्मीदवार का नाम सामने आया धनपुर में जनसम्पर्क कर रहे कल तक मरवाही के बीएमओ रहे डॉ. कृष्ण कुमार धु्रव के समर्थकों में खुशी दौड़ गई। वे कोरोना की तकलीफें भूलकर बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह किये उनके स्वागत में लग गये। जिले के प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल और मरवाही में कांग्रेस के एक चुनाव प्रभारी बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय के साथ में होने के कारण उनका उत्साह दूना हो गया।
पर इस उत्साह के बीच कांग्रेस से जुड़ा एक बड़ा तबका नाराज भी है। उन्होंने कल ही चेतावनी दे दी थी कि यदि डॉ. ध्रुव का नाम तय होगा तो उनको मंजूर नहीं होगा। असंतोष की झलक उन्होंने कल ही दिखा दी थी और भाड़ी ग्राम में एक बैठक की थी। इस बैठक में करीब 90 सरपंच शामिल थे। पूरे मरवाही इलाके में 140 सरपंच हैं। उन्होंने एक राय से प्रस्ताव पारित किया था कि डॉ. ध्रुव को टिकट मिली तो वे बगावत करेंगे और अपना निर्दलीय उम्मीदवार भी खड़ा करेंगे।

आज दोपहर ग्राम दमदम-देवरी में प्रभारी मंत्री और मरवाही उप-चुनाव को कांग्रेस की तरफ से लीड कर रहे कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल ने बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय के साथ कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरी लेकिन इसी बीच पंचायत प्रतिनिधियों का एक काफिला वहां पहुंच गया। इन्हें अंदाजा था कि कुछ घंटे के भीतर डॉ. ध्रुव की उम्मीदवारी घोषित हो रही है। इस दौरान करीब 40 सरपंच पहुंचे पर उनसे मिलने के लिये प्रभारी मंत्री डॉ. जयसिंह अग्रवाल उत्सुक नहीं थे। उनका ज्ञापन उन्होंने मंच पर बैठे-बैठे ही ले लिया। बात वही थी कि स्थानीय प्रत्याशी तय नहीं किया गया।

आज ये प्रतिनिधि कार्यक्रम से बीच में ही वापस चले गये। जैसा उन लोगों ने दावा किया था कि डॉ. ध्रुव का नाम तय होने पर वे निर्दलीय प्रत्याशी उतारेंगे, इस पर कोई बात नहीं हुई है। कहा यह जा रहा है कि उनकी कल रणनीति बन सकती है। एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि बड़ी संख्या में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और भाजपा से लोग कांग्रेस में शामिल हो गये हैं। हो सकता है कि उन्हें विरोध करने के लिये वे ही लोग उकसा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री और मरवाही के 27 सेक्टर्स के प्रभारी अर्जुन तिवारी ने कहा कि मरवाही के लिये भूपेश बघेल सरकार ने इतनी सौगातें दे दी हैं जो बीते 20 सालों से नहीं मिली। मरवाही में कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी। प्रत्याशी का विरोध नाराजगी जताने का एक तरीका है, जो कांग्रेस में होता रहता है। पर आखिरकार सब कांग्रेस का साथ देंगे। इसमें किसी साजिश की आशंका उन्हें दिखती नहीं है।
मरवाही के हाल के जानकार बताते हैं कि बीते चुनाव में तीसरे स्थान पर रही कांग्रेस के लिये जीत का रास्ता तय करना तभी संभव है जब जोगी परिवार के किसी भी सदस्य को चुनाव लडऩे से रोक दिया जाये। यह मंत्री डॉ. जयसिंह अग्रवाल की नाक का सवाल है, क्योंकि संगठन ने सारा दारोमदार उन पर ही छोड़ रखा है। वैसे विधायक मोहित केरकेट्टा और शैलेष पांडेय के अलावा कुल चार प्रभारी इस जोन में तय किये गये हैं। पर सब बाहर से हैं। शैलेष पांडेय स्टार प्रचारकों में भी शामिल कर दिये गये हैं।

इस बारे में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. ध्रुव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संगठन ने मरवाही क्षेत्र में उनके कामकाज को देखते हुए नाम तय किया गया है। सांसद ज्योत्सना महंत और जिले के संगठन पदाधिकारियों का उन्हें समर्थन है। मेरा नाम ऊपर से नहीं स्थानीय स्तर पर ही तय हुआ है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनको कुछ गलतफहमी हो गई है दूर कर ली जायेगी। सब कांग्रेस के हैं। वे इन सब के साथ 16 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे।
स्थानीय जानकार बताते हैं कि डॉ. के के ध्रुव प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल की पसंद के उम्मीदवार हैं। अग्रवाल चुनाव की घोषणा के काफी पहले से ही प्रभारी मंत्री बना दिये गये थे, तब से लगातार सक्रिय रहे हैं। उम्मीद करनी चाहिये कि नये जिले का गठन, विकास की बड़ी सौगातें और लगातार जनसम्पर्क कांग्रेस को अच्छी स्थिति में ला देगा। इसके बावजूद जोगी नाम के असर का सवाल बना हुआ है।


