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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (पीटीआई)। छत्तीसगढ़ के निलंबित चल रहे एक वरिष्ठ आईपीएस की बेटी ने उनके खिलाफ राज्य में चल रही एक विभागीय जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस अफसर की बेटी की तरफ से सीनियर वकील महेश जेठमलानी ने जस्टिस अशोक भूषण, और जस्टिस एम.आर. शाह की अदालत में तर्क रखे और इसके बाद जजों ने इस विभागीय जांच पर एकतरफा स्थगन आदेश जारी किया है।
इस अफसर की बेटी का यह कहना है कि उसे जन्म देने वाली मां से इस अफसर ने शादी की थी जो कि पहले से शादीशुदा भी थे। अब राज्य शासन इस अफसर के साथ हिसाब चुकता करने के लिए विभागीय जांच के नाम से गलत कार्रवाई कर रही है।
इस युवती के नाम को उजागर किए बिना उसे वादी नंबर-1 के रूप में दर्ज करते हुए अदालत ने राज्य शासन को नोटिस जारी करने कहा है। और यह भी कहा है कि इस बीच अगले आदेश तक इस अफसर के खिलाफ 14 अगस्त 2020 के आदेश पर कोई कार्रवाई न की जाए।
इस याचिका का तर्क है कि राज्य शासन इस विभागीय जांच से याचिकाकर्ता की मां और इस अधिकारी के संबंध और याचिकाकर्ता के पिता होने की पुष्टि जैसे मुद्दों की जांच करने वाला है। इससे उसकी निजी जिंदगी की निजता का हनन होगा।


