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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 9 अक्टूबर। एसीबी रायपुर की टीम ने महासमुन्द जिले के ग्रामीण बैंक शाखा सिंघोड़ा के शाखा प्रबंधक एवं उसके सहायक चौकीदार को किसान से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों को महासमुन्द न्यायालय से मंजूरी लेने के बाद मचेवा जेल दाखिल किया गया है।
ग्रामीण बैंक शाखा सिंघोड़ा के शाखा प्रबंधक मनीष प्रभाकर पर आरोप है कि उन्होंने ऋण प्रकरण के खात्मे के लिए किसान से दस हजार रुपए बतौर रिश्वत की मांग की थी।
जानकारी के मुताबिक पीडि़त का केसीसी ऋण प्रकरण समाप्त हो जाने के बावजूद बैंक ने उसकी खेती की जमीन को बंधक बना रखा था। उक्त भूमि को किसान के पास स्वतंत्र करने के एवज में ग्रामीण बैंक के मैनेजर ने रिश्वत की मांग की थी। इस मामले में बैंक के चौकीदार पर आरोप है कि उसने सहयोगी की भूमिका निभाई है। पीडि़त किसान ने इस मामले की शिकायत एसीबी रायपुर से की थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए ईओडब्ल्यू एवं एसीबी प्रमुख आरिफ एच. शेख के निर्देश पर एसीबी रायपुर से डीएसपी शैलेन्द्र पाण्डेय की अगुवाई में टीम गठित की गई और उक्त टीम उन्होंने आज दोपहर साढ़े 12 बजे बैंक कार्यालय में ही आरोपी शाखा प्रबंधक मनीष प्रभाकर एवं उसके साथी चौकीदार हेमलाल यादव को दस हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही कर जेल भेज दिया गया है। महासमुन्द एसपी प्रफुल्ल सिंह ठाकुर ने इस मामले में कहा है कि बैंकों में हो रहे इस तरह करनामों को रोकने के लिए ऐसी कार्रवाई बहुत जरूरी है।
आज सिंघोड़ा बैंक में हुई इस कार्रवाई के बाद जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले भर के थानेदारों की आवश्यक बैठक जारी है और सभी को विभाग की ओर से बैंकों के बाहर और अंदर हो रही गतिविधियों पर सख्त नजर रखने की हिदायत दी जा रही है।


