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केन्द्र के नए कृषि कानूनों से परे छत्तीसगढ़ 4 विधेयक ला रहा, दीवाली बाद विस सत्र
09-Oct-2020 3:14 PM
केन्द्र के नए कृषि कानूनों से परे छत्तीसगढ़ 4 विधेयक ला रहा, दीवाली बाद विस सत्र

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ सरकार किसान और श्रमिकों के हितों के लिए चार नया कानून बनाने जा रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। बताया गया कि दीवाली के बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें चारों संशोधन विधेयक को मंजूरी दी जा सकती है। 

कैबिनेट में केन्द्र सरकार की कृषि बिल पर विस्तार से चर्चा हुई, और इससे किसानों-श्रमिकों को नुकसान की आशंका जताई गई। उन्हें संरक्षण देने के लिए चार विधेयक लाने पर सहमति बनी है। इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि विधेयक में कॉट्रेक्ट फार्मिंग से  कॉर्पोरेट सेक्टर को फायदा और किसानों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए प्रावधान किए जाएंगे।

इसी तरह निजी मंडियों की स्थापना से मंडी श्रमिकों, हमालों के अलावा स्थानीय किसानों को फसलों का उचित दाम के लिए प्रावधान किए जाएंगे। इससे परे स्टाक लिमिट को लेकर भी संशोधन विधेयक लाया जाएगा। एक विधेयक श्रम कानून को लेकर भी है। जिसमें केन्द्र सरकार ने तीन सौ से कम के कारखानेदारों को छंटनी की अनुमति दी है, जिसे रोकने के लिए प्रावधान किए जाएंगे। 

बताया गया कि दीपावली के बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें चारों विधेयकों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। केन्द्रीय कानून के प्रभावशील होने के बाद किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने का खतरा पैदा हो गया है। इसको देखते हुए सरकार कदम उठाने जा रही है। 

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि केंद्र के कानून आने के बाद पूंजीपति ही कृषि उपज के मूल्यों को कंट्रोल करेंगे। इस कानून के आने से छत्तीसगढ़ की धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित होंगी। यही कारण है कि इस कानून को छत्तीसगढ़ सरकार लागू नहीं करेगी। केंद्र के चारों विधेयकों के प्रतिरूप में हम अपने तरीके से किसानों और गरीबों की मदद के लिए कानून बनाएंगे इसकी चर्चा हुई है। 


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