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लॉकडाउन-कोरोना के चलते बंगाल की जूट मिलें बंद, धान खरीदी प्लास्टिक बोरों में?
04-Oct-2020 3:15 PM
लॉकडाउन-कोरोना के चलते बंगाल की जूट मिलें बंद, धान खरीदी प्लास्टिक बोरों में?

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 अक्टूबर।
प्रदेश में सरकार के लिए इस साल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी चुनौती बन गई है। वजह यह है कि कोलकाता की जूट मिलें बंद हैं, और धान के लिए बारदाने नहीं मिल पा रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए राज्य ने केन्द्र सरकार से प्लास्टिक के बारदाने की खरीदी की अनुमति मांगी है। धान खरीदी पर चर्चा के लिए कैबिनेट उपसमिति की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी बिन्दुओं पर विचार किया जाएगा। 

खाद्य विभाग के विशेष सचिव मनोज सोनी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि धान खरीद के लिए बारदाने की व्यवस्था की जा रही है। पीडीएस के बारदानों का उपयोग अन्य कार्यों में करने पर प्रतिबंधित किया गया है। इसका उपयोग सिर्फ धान खरीदी के लिए किया जाएगा। इसके अलावा एचबीडी(प्लास्टिक) के बारदाने खरीदी के लिए केन्द्र सरकार से अनुमति मांगी गई है। 

प्रदेश में इस बार धान की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार की उम्मीद है। करीब  एक करोड़ 40 लाख टन धान के उत्पादन का अनुमान है। हालांकि सरकार ने अभी फिलहाल 85 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए व्यवस्था बनाए रखना भी सरकार के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। बताया गया कि हर साल धान खरीदी से पहले बारदाने की खरीद होती थी। करीब 5 सौ करोड़ से अधिक के बारदाने खरीदे जाते थे। मगर इस बार ऐसा नहीं हो पा रहा है। वजह यह है कि लॉकडाउन की वजह से कोलकाता की जूट मिलें बंद हैं, और अभी तक बारदाना बनना शुरू नहीं हुआ है। 

बारदाने नहीं होने से खरीदी व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इससे निपटने के लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। पीडीएस के बारदाने का उपयोग अब धान खरीदी के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। इससे करीब 4 लाख बारदाने की व्यवस्था हो जाएगी। इसके अलावा प्लास्टिक के बारदाने की खरीदी की अनुमति मांगी गई है। केन्द्र से अनुमति मिलने पर कुछ हद तक व्यवस्था ठीक हो सकती है। इन तमाम बिंदुओं पर चर्चा के लिए इसी हफ्ते कैबिनेट उपसमिति की बैठक है। उपसमिति में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत सदस्य हैं। इस बैठक में धान खरीदी की तिथि से लेकर व्यवस्था संबंधित तमाम बिंदुओं पर फैसला लिया जाएगा।
 
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सरकार 25 सौ रूपए क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। पिछले साल करीब 85 लाख टन धान की खरीदी की गई थी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अंतर की राशि का भुगतान 4 किश्तों में देने का निर्णय लिया गया था। तीसरी किश्त का भुगतान एक नवम्बर को किया जाएगा।


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