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कोरोना संक्रमित महिलायें डिलिवरी के लिये भटकीं
-राजेश अग्रवाल
बिलासपुर, 1 अक्टूबर('छत्तीसगढ़') । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद सिम्स चिकित्सालय की व्यवस्था में सुधार के लिये कई प्रयास किये गये, ओपीडी और आईपीडी में भीड़ को व्यवस्थित करने के उपाय किये गये। सिम्स की नई डीन ने भी प्रभार ले लिया है, इसके बावजूद आंतरिक व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
बुधवार की शाम सीपत की 9 माह की गर्भवती एक महिला घंटों प्रसव के लिये सिम्स के बाहर तड़पती रही लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। इस महिला को मंगलवार को यह कहते हुए लौटा दिया गया था कि अगले दिन भर्ती ली जायेगी। बेलगहना की एक अन्य महिला को भी घंटों बाहर लिटाकर रखा गया। परिजनों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बाद उसे भर्ती किया गया। दोनों महिलाओं की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सिम्स में कोरोना ड्यूटी कर्मचारियों ने कल शाम परोसा भोजन करने से इंकार कर दिया और उसे डस्टबिन में फेंक दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें स्तरहीन और बासी भोजन दिया जाता है।
163 नये कोरोना मरीज, अस्पतालों में 9 ने दम तोड़ा
बीते 24 घंटे में कोरोना के 163 नये मरीज जिले में मिले हैं जिनमें से नगर निगम सीमा के 98 पीड़ित हैं। इस दौरान सिम्स, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में 9 लोगों ने दम तोड़ दिया जिनमें से 6 जिले के मरीज हैं।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से बीते 24 घंटों में ज्यादा केस आये हैं। सर्वाधिक नये कोरोना संक्रमित 29 कोटा से और बिल्हा से 20 कोरोना संक्रमितों का पता चला है। कोटा के गांव बेलगहना में एक ही परिवार के 9 सदस्य कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। तखतपुर में भी 9 मरीजों का पता चला। इन्हें मिलाकर जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 8403 पहुंच चुकी है। इस दौरान 115 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों व होम आइसोलेशन से छुट्टी भी दी गई है। अब तक 6108 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
निजी अस्पतालों ने ओवरबिलिंग का रास्ता निकाला
निजी अस्पतालों में मरीजों से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक बिलिंग करने की शिकायत आने पर सीएमएचओ ने सभी से मरीजों का पूरा डिटेल और उनसे वसूल की गई राशि का ब्यौरा मांगा था। सभी आठ निजी अस्पतालों ने मरीजों से वसूल की गई राशि का ब्यौरा सौंप दिया है। पता चला कि मरीजों से बेड का चार्ज तो निजी अस्पताल शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही ले रहे हैं लेकिन दवाईयों, ऑक्सीजन और एम्बुलेंस के रेट सामान्य से काफी अधिक है। कई मरीजों से पांच-सात दिन के इलाज का खर्च 3 से 5 लाख तक वसूल किया गया, जबकि शासन ने सभी खर्च मिलाकर एक दिन का अधिकतम खर्च 17,500 रुपये तय कर रखा है।


