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-दिलीप कुमार शर्मा
असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक बयान काफ़ी सुर्खियों में हैं.
दरअसल, पिछले साल बीटीसी यानी बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के चुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद मुख्यमंत्री ने एक बार फिर इस क्षेत्र में विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की संभावनाओं के बारे में आशंका जताई है.
बीटीसी के अंतर्गत आने वाले बिजनी में गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हम बीटीसी में चुनाव हार गए थे और अब मुझे यकीन नहीं है कि हम विधानसभा चुनावों में यहां जीतेंगे या नहीं."
बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद इलाक़े में विधानसभा की 15 सीटें आती हैं लेकिन काउंसिल क्षेत्र के बाहर बोडो वोटों को कम से कम 10 सीटों पर निर्णायक माना जाता है.
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "हमें बीटीसी की 15 सीटों की ख़ास चिंता नहीं है. परिषद चुनावों में हमारा पिछला प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा करने के बाद हम चुनाव लड़ने पर फ़ैसला करेंगे."
उन्होंने कहा, "ज़मीन पर शायद ही कोई उत्साह है. जो उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे स्थिति का बेहतर आकलन कर पाएंगे. अगर हम काउंसिल चुनाव हार गए, तो हम विधानसभा चुनाव कैसे जीतेंगे? अगर हम बीटीसी में जीत जाते, तो हम सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करते. पार्टी टिकट चाहने वालों को पहले ख़ुद से पूछना चाहिए कि जनता उनके साथ है या नहीं."
साल 2003 में बीटीसी के गठन के बाद से अब तक बीजेपी एक बार भी क्षेत्रीय परिषद में अपने दम पर शासन में नहीं आई है. हालांकि बीटीसी में जो भी क्षेत्रीय पार्टी जीत हासिल करती हैं वे राज्य की सत्ताधारी पार्टी के साथ गठबंधन कर लेती हैं.
बीटीसी के पिछले चुनाव में हाग्रामा मोहिलारी की पार्टी बोडोलैंड पीपल्स फ़्रंट ने बीजेपी को हराया था लेकिन जीत के बाद वह बीजेपी के साथ गठबंधन में शामिल हो गई थी. (bbc.com/hindi)


