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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 27 सितंबर। छत्तीसगढ़ ही नही देश के कई हिस्सो में अपनी कला के जरिए पहचान बनाने वाले इप्टा के संस्थापक एवं कलाकार मशहूर रंगकर्मी अजय आठले का आज सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही कला जगत में शोक की लहर फैल गई। उन्होंने आज सुबह 10.45 बजे अपनी अंतिम सांस ली। वे 65 वर्ष के थे।
पिछले दो दशक से उनके नेतृत्व में रायगढ़ में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन होता रहा। इसके अलावा देश के कई हिस्सों में उनके नेतृत्व में नाटकों का मंचन किया जाता रहा था। उनका निधन कला जगत के लिए अपूरणीय बड़ी क्षति है। बताया जाता है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद अजय आठले को तीन दिन पहले ही स्थानीय जेएमजे मार्निंग स्टार हॉस्पिटल (मिशन) में भर्ती कराया गया था। जहां उनका ऑक्सीजन लेवल कम होता जा रहा था।
हालांकि बीच में उनकी स्थिति ठीक हुई थी और उनका स्वास्थ बढिय़ा बताया जा रहा था इसी बीच रविवार को उनकी तबियत फिर से अचानक बिगडऩे लगी और सांस लेने की तकलीफ बढ़ती गई। बताया जा रहा है कि उनकी सांस लेने की तकलीफ अचानक बढ़ गई, इससे पहले की उन्हें वेंटीलेटर पर ले जाया जाता उनकी मौत हो गई। उनके निधन से रंगकर्मियों, कला जगत और पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। दरोगापारा में रहने वाले अजय ने शुरू से ही इप्टा को जीवित रखने के साथ-साथ अपने परिवार के साथ मिलकर एक ऐसी टीम बनाई थी जो आज के ज्वलंत मुद्दों को लेकर नाटकों के जरिए मंचन करते हुए अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे थे। उनके निर्देशन में बीते कई सालों से कई ऐसे कलाकार स्थापित हुए और आज उनके निधन से वे कलाकार अपने गुरू के चले जाने से काफी व्यथित हैं।


