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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 सितंबर। भाजपा की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में रा’यसभा सदस्य सुश्री सरोज पाण्डेय और रामविचार नेताम को जगह नहीं मिली है। प्रदेश से सिर्फ पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को उपाध्यक्ष और सौदान सिंह को सह महामंत्री (संगठन) के रूप में शामिल किया गया है।
हालांकि सौदान सिंह मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन वर्ष-2002 के बाद से वे छत्तीसगढ़ में ही संगठन का काम देखते रहे हैं। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में उन्हें छत्तीसगढ़ के कोटे से रखा गया है। इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कार्यकारिणी में सुश्री सरोज पाण्डेय को काफी महत्व मिला था। वे राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर थीं, और उन्हें महाराष्ट्र जैसे बड़े रा’य का प्रभारी भी बनाया गया था। मगर उन्हें जगतप्रकाश नड्डा की कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली।
इसी तरह रा’यसभा सदस्य रामविचार नेताम को अनुसूचित जनजाति मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। मगर इस बार उनका नाम भी सूची से गायब है। अलबत्ता, डॉ. रमन सिंह को सूची में पहले स्थान पर रखा गया है। यद्यपि वे संगठन में वसुंधरा राजे से जूनियर हैं। इसी तरह सौदान सिंह का भी महत्व बरकरार रखा गया है। श्री नड्डा प्रदेश भाजपा के प्रभारी रहे हैं। वे यहां के सभी छोटे-बड़े नेताओं से परिचित हैं।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ वे युवा मोर्चा में भी काम कर चुके हैं, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रदेश के कई नेताओं को कार्यकारिणी में जगह मिल सकती है। मगर ऐसा नहीं हुआ। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ही अकेले नड्डा की कार्यकारिणी का हिस्सा बने हैं। डॉ. रमन सिंह से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ की कार्यकारिणी में रमन सिंह की पसंद को ही ’यादा महत्व मिल सकता है।


