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वेंटिलेटर 148 से 331 किए गए, संक्रमण की रोकथाम-उपचार के लिए किए जा रहे हर संभव उपाय-भूपेश
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 सितंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेडियोवार्ता में कोरोना से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2020 की स्थिति में प्रदेश में 54 आईसीयू बिस्तर तथा 446 जनरल बेड उपलब्ध थे, जिसमें बढ़ोत्तरी करते हुए अब 776 आईसीयू बेड्स तथा 28 हजार 335 जनरल बेड्स उपलब्ध करा दिए गए हैं, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सुविधा हेतु 148 वेंटिलेटर थे, जो अब बढक़र अब 331 हो गए हैं। श्री बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हंै।
मुख्यमंत्री बघेल ने आज प्रसारित अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की दसवीं कड़ी में ‘समावेशी विकास-आपकी आस’ विषय पर श्रोताओं के साथ अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कोरोना संकट से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि मार्च 2020 की स्थिति में केवल एम्स रायपुर में ही कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी, जिसे बढ़ाना एक बड़ी चुनौती थी। आज की स्थिति में राज्य के सभी 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज, 4 निजी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट, 30 लैब में ट्रू नॉट टेस्ट तथा 28 जिला अस्पतालों सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट की व्यवस्था कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार की सुविधा केवल एम्स रायपुर में थी, लेकिन राज्य शासन ने सुनियोजित कार्ययोजना से अब तक 29 शासकीय, 29 डेडिकेटेड कोरोना हॉस्पिटल, 186 कोरोना केयर सेंटर की स्थापना कर दी है। 19 निजी अस्पतालों को भी उपचार हेतु मान्यता दी गई है। मार्च 2020 की स्थिति में 54 आईसीयू बिस्तर तथा 446 जनरल बेड उपलब्ध थे, जिसमें बढ़ोत्तरी करते हुए अब 776 आईसीयू बेड्स तथा 28 हजार 335 जनरल बेड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सुविधा हेतु 148 वेंटिलेटर थे। जो अब बढक़र 331 हो गए हैं। श्री बघेल ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हंै।
एसिम्टोमेटिक मरीजों को होम आइसोलेशन सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत है कि सब लोग मिलकर हिम्मत का परिचय दें। सावधानी और साहस से यह दौर भी निकल जाएगा। राज्य में ज्यादातर व्यक्ति एसिम्टोमेटिक श्रेणी के आ रहे हैं। इसको लेकर भी भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन फेस मास्क और फेस शील्ड के महत्व को समझें। हाथ साफ करने के लिए साबुन-पानी, सेनेटाइजर का उपयोग करें। भीड़ से बचें। एसिम्टोमेटिक मरीजों के होम आइसोलेशन की सुविधा भी नियमानुसार उपलब्ध है। लगातार समीक्षा और सुधार से स्थितियों को बेहतर किया जा रहा है। टेलीमेडिसिन परामर्श केन्द्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी, उपचार हेतु मार्गदर्शन व दवाईयॉ उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी है। संकट अभी टला नहीं है। सावधानी जरूरी है।


