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एनटीपीसी को प्रदूषण घटाने एफजीडी तकनीक का आदेश
13-Aug-2020 7:37 AM
एनटीपीसी को प्रदूषण घटाने एफजीडी तकनीक का आदेश

एनटीपीसी सीपत


सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी का आदेश सही माना, 

समय सीमा तय की हर तीन माह में रिपोर्ट देने कहा 

-राजेश अग्रवाल  

बिलासपुर, 13 अगस्त ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के उस आदेश को सही माना है जिसमें एनटीपीसी सीपत की विद्युत उत्पादन इकाईयों में एफजीडी तकनीक का इस्तेमाल करने का आदेश दिया है। 

एफजीडी (फ्लू गैस डिसल्फराईजेशन) तकनीक पॉवर प्लांट में बॉयलर और फर्नेश में सल्फर डायऑक्साइड को कम करता है जिससे प्रदूषण के नियंत्रण में सहायता मिलती है। सीपत क्षेत्र के रमाशंकर गुरुदीवान, देवकुमार कनेरी व बिलासपुर की रश्मि सिंह ने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि एनटीपीसी सीपत द्वारा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) और पर्यावरण प्रदूषण मंडल के मापदंडों का उल्लंघन किया जा रहा है। हाईकोर्ट की डबल बेंच में इसकी सुनवाई हुई और प्रकरण को निर्णय लेने के लिये एनजीटी के हवाले कर दिया था। एनजीटी बीते 27 फरवरी को जल प्रदूषण रोकने, राखड़ का उचित निष्पादन करने और कोयले के परिवहन में सावधानी बरतते हुए एफजीडी तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया था। 

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि एनटीपीसी द्वारा कोयले का परिवहन ढंककर किया जाये। प्रदूषण नियंत्रण के लिये अत्याधुनिक तकनीक एफजीडी का इस्तेमाल किया जाये ताकि स्थानीय किसानों की धान व गेहूं की फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। 

एनटीपीसी ने कोयले का ढंककर परिवहन करने और एफजीडी तकनीक इस्तेमाल करने के एनटीजी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़, इंदू मल्होत्रा व केएम जोसेफ की तीन सदस्यीय बेंच में मामले को सुना गया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार एनटीपीसी की इकाई नंबर 3, 4 व 5 में 31 दिसम्बर 2021 तक एफजीडी लगाये। इन संयंत्रों में 500-500 मेगावाट का उत्पादन होता है। साथ ही 660-660 मेगावाट उत्पादन वाली इकाई एक व दो में 31 दिसम्बर 2022 एफजीडी उपकरण लगाये। यही नहीं एनटीपीसी को निर्देश दिया गया है कि उपकरण लगाने में हो रही प्रगति की हर तीन माह में एनजीटी को जानकारी भी दे। 

 


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