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राष्ट्रपति के हाथों होंगे सम्मानित
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 13 जून। वरिष्ठ कथक नृत्याचार्य एवं पद्मश्री सम्मानित पंडित रामलाल बरेठ को संगीत नाटक अकादमी की सर्वोच्च फैलोशिप ‘अकादमी रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें भारत के राष्ट्रपति के हाथों प्रदान किया जाएगा।
रायगढ़ कथक घराने के एकमात्र जीवित दरबारी नर्तक के रूप में पहचाने जाने वाले पंडित रामलाल बरेठ ने अपनी साधना, समर्पण और कलात्मक प्रतिभा के बल पर रायगढ़ घराने को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। रायगढ़ में जन्मे पंडित बरेठ ने राजा चक्रधर सिंह के संरक्षण में तथा अपने पिता पंडित कार्तिक राम से कथक की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने दशकों तक कथक की परंपरा को जीवित रखते हुए देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
उनके अथक प्रयासों और योगदान के कारण रायगढ़ कथक घराने को वैश्विक पहचान मिली। पंडित रामलाल बरेठ ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में रीडर के रूप में सेवाएं दीं। साथ ही वर्ष 1981 से 2011 तक चक्रधर नृत्य केंद्र में गुरु के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अनेक शिष्यों को कथक की शिक्षा दी। आज उनके शिष्य देश और विदेश में रायगढ़ घराने की परंपरा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
पद्मश्री, चक्रधर सम्मान, शिखर सम्मान और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से पहले ही सम्मानित हो चुके पंडित रामलाल बरेठ के लिए ‘अकादमी रत्न’ उनकी कला यात्रा का एक और ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।


