ताजा खबर
दुबई, 11 जून। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत से जुड़ी घटना पर ‘‘करीबी नजर’’ रखे हुए है और चालक दल के सदस्यों को निकालने के प्रयास जारी हैं।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमें आज सुबह ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अधिक जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।’’
बाद में अद्यतन जानकारी में कहा गया, ‘‘एमटी जलवीर से चालक दल को निकालकर शिनास बंदरगाह तक पहुंचाने के काम का समन्वय ओमान की रॉयल नेवी की सहायता से किया जा रहा है और यह जल्द ही पूरा हो जाएगा।’’
हालांकि, दूतावास ने घटना के बारे में कोई अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किया।
इस बीच, भारतीय नाविकों के संगठन ‘फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (एफएसयूआई) ने एक जहाज से घना धुआं उठते हुए कुछ तस्वीरें जारी कीं।
इसकी पहचान एमटी जलवीर के रूप में की गई और कहा गया कि इसमें भारतीय नाविक सवार हो सकते हैं। लेकिन जहाज के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी तुरंत पुष्टि नहीं की जा सकी।
भारतीय मिशन की यह ताजा चेतावनी ओमान तट के पास एमटी सेट्टेबेलो नामक वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी सैन्य हमले के एक दिन बाद आई है। इस घटना के बाद भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
एमटी सेट्टेबेलो पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया और तीन लापता बताए गए।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने की पुष्टि की।
इससे पहले, सोमवार को ओमान तट के निकट एक व्यापारिक तेल टैंकर (एमटी मेरिवेक्स) पर हुए मिसाइल हमले के बाद ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर टैंकर पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था। (भाषा)


