ताजा खबर

दुर्लभ वस्तु और रेडियोएक्टिव सामान बेचने का झांसा, 3 करोड़ की ठगी, 3 बंदी
11-Jun-2026 8:13 PM
दुर्लभ वस्तु और रेडियोएक्टिव सामान बेचने का झांसा, 3 करोड़ की ठगी, 3 बंदी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

अंबिकापुर, 11 जून। दुर्लभ पुरानी वस्तु एवं कथित रेडियोएक्टिव सामग्री की पैकिंग और बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को सरगुजा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक ग्रामीण को झांसा देकर करीब 3 करोड़ 8 लाख 78 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गंगापुरखुर्द निवासी करमबेल कच्छप ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जुलाई 2023 से सितंबर 2024 के बीच आरोपियों ने फर्जी रिपोर्ट एवं पंजीयन दस्तावेज दिखाकर दुर्लभ पुरानी वस्तु तथा रेडियोएक्टिव सामग्री की पैकिंग और बिक्री से भारी मुनाफा होने का लालच दिया। इस दौरान आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उससे 3 करोड़ 8 लाख 78 हजार रुपये हासिल कर लिए।

शिकायत के आधार पर गांधीनगर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में आरोपियों की तलाश के लिए साइबर सेल की सहायता से विशेष टीम गठित की गई।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीमों को पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश भेजा गया। इसी दौरान मुख्य आरोपी बल्ला रामा कृष्णा और संजय कुमार बिंद को बिहार के पटना रेलवे स्टेशन से रेलवे सुरक्षा बल की सहायता से घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान ठगी के आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में तीसरे आरोपी बाबूलाल राजभर को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में तेलंगाना निवासी डॉ. बल्ला रामा कृष्णा (51), वाराणसी निवासी संजय कुमार बिंद (38) और बाबूलाल राजभर (55) शामिल हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है तथा ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई में गांधीनगर थाना पुलिस, साइबर सेल तथा रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


अन्य पोस्ट