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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 2 जून। कोनी थाना क्षेत्र में हार्वेस्टर चालक से हुई लूट की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामले में तीन युवकों और एक विधि से संघर्षरत किशोर को पकड़ते हुए लूट का मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार कबीरधाम जिले के ग्राम कामनबोड निवासी हरमेंद्र साहू धान कटाई के लिए हार्वेस्टर मशीन लेकर बिलासपुर क्षेत्र आए थे। 27 मई की रात उनकी मशीन में खराबी आ गई थी, जिसे वे ग्राम रामतला के खेत में ठीक कर रहे थे। रात में भोजन करने के लिए वे अपनी मोटरसाइकिल से एक ढाबे की ओर जा रहे थे।
28 मई की रात करीब साढ़े 12 बजे ग्राम सेंदरी स्थित मोपका बायपास मोड़ के पास एक काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार चार युवकों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की। जब उन्होंने बाइक नहीं रोकी तो आरोपियों ने उनकी मोटरसाइकिल को ठोकर मार दी, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े।
इसके बाद आरोपियों ने हाथ, मुक्कों और बेल्ट से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी और उनकी जेब में रखे 10 हजार रुपये नकद तथा करीब 10 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
पीड़ित की शिकायत पर कोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में कोनी थाना एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली जानकारी और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मौज-मस्ती और घूमने-फिरने के खर्च के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने मामले में ग्राम मूढ़ी, थाना कोनी निवासी अनिकेत पटेल, जयप्रकाश पटेल और जयप्रकाश यादव, सभी 19 वर्ष, को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 16 वर्षीय एक किशोर को भी विधि के प्रावधानों के तहत पकड़ा गया है।
आरोपियों के कब्जे से लूटा गया पोको मोबाइल फोन और 1,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं किशोर के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।


