ताजा खबर

पेट्रोल पंप की जमीन का सीमांकन लटका, कलेक्टर को सीधे निगरानी का आदेश
02-Jun-2026 11:19 AM
पेट्रोल पंप की जमीन का सीमांकन लटका, कलेक्टर को सीधे निगरानी का आदेश

राजस्व विभाग की देरी पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 2 जून। जांजगीर-चांपा जिले के खोंखरा गांव में प्रस्तावित पेट्रोल पंप के लिए भूमि सीमांकन में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने जांजगीर-चांपा कलेक्टर को मामले में सीधे हस्तक्षेप करने और दो माह के भीतर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रशासनिक स्तर पर फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा में सीमांकन का कार्य पूरा होना चाहिए ताकि विवाद का अंतिम निराकरण किया जा सके।

याचिकाकर्ता संजय राठौर और संदीप राठौर ने अदालत को बताया कि खसरा नंबर 823/1 की भूमि पर पेट्रोल पंप डीलरशिप की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, जमीन का सीमांकन नहीं होने के कारण आवश्यक स्वीकृतियां अटक गई हैं और परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राजस्व अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आदेश दिया।

अदालत ने कहा कि दो महीने के भीतर सीमांकन की कार्रवाई पूरी कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

 


अन्य पोस्ट